अहले सुबह यार्ड के पास पटरी से उतरी ट्रेन
आरा। आरा जंक्शन के यार्ड के समीप रविवार अहले सुबह करीब चार बजे महानंदा एक्सप्रेस डिरेल हो गई। जंक्शन से करीब 200 मीटर आगे हुए हादसे में ट्रेन का इंजन और दो से तीन कोच पटरी से उतर गए। राहत की बात रही कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व रिकवरी कार्य शुरू किया।
लाल सिग्नल ओवरशूट के बाद गलत लाइन पर गई ट्रेन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महानंदा एक्सप्रेस के लोको पायलट द्वारा लाल सिग्नल ओवरशूट किए जाने के बाद ट्रेन निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ गई। इसके बाद ट्रेन गलत लाइन या लूप लाइन की ओर चली गई। इसी दौरान इंजन के साथ एसएलआर और एच-1 समेत दो से तीन कोच पटरी से उतर गए। रेलवे की प्रारंभिक जांच में सिग्नल ओवरशूट को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। लापरवाही के पहलू को देखते हुए स्टेशन मास्टर को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रेल जीएम ने घटनास्थल का लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद रेल जीएम हाजीपुर डिंपी गर्ग घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। हादसे के कारण दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर कुछ घंटों तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। रेलवे की तकनीकी और रिकवरी टीमों ने क्षतिग्रस्त ट्रैक तथा डिरेल हुए कोच को हटाने और परिचालन बहाल करने का काम तेजी से शुरू किया।
सुबह 7:23 बजे रवाना हुई महानंदा एक्सप्रेस
रेलवे की टीमों ने तेजी से काम करते हुए ट्रैक को दुरुस्त किया, जिसके बाद महानंदा एक्सप्रेस को सुबह करीब 7:23 बजे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। हादसे को गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में सिग्नल व्यवस्था, ट्रेन संचालन, लोको पायलट की भूमिका, स्टेशन स्तर पर हुई कार्रवाई और ट्रेन के गलत लाइन में जाने समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

