डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: चतरा जिले के प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर परिसर में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मंदिर परिसर में रहने वाले स्वामी श्रीनिवासाचार्य (अमन द्विवेदी) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। पुलिस अब इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
विवाद और सीसीटीवी फुटेज का राज
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मौत से कुछ ही घंटे पहले स्वामी श्रीनिवासाचार्य का मंदिर के ही एक अन्य पुजारी विवेक पांडेय के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी गर्मागर्म बहस कैद हो गई है। खास बात यह है कि इस विवाद के तुरंत बाद स्वामी श्रीनिवासाचार्य ने अपने कुछ बेहद करीबी लोगों को फोन करके इस घटना की पूरी जानकारी दी थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद उनका शव कीर्तन मंडली के कमरे में मिला।
पुलिस कार्रवाई और परिजनों की प्रतिक्रिया
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटखोरी ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले स्वामी श्रीनिवासाचार्य पिछले पांच वर्षों से इस मंदिर परिसर में रहकर धार्मिक सेवा दे रहे थे।
दर्ज शिकायत: दुखद सूचना मिलने पर बलिया से उनके परिजन इटखोरी पहुंचे और उनके चाचा ने इटखोरी थाने में औपचारिक लिखित आवेदन दिया है। पुलिस अब इसी आवेदन के आधार पर हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
स्थानीय स्तर पर शोक की लहर
इस अचानक हुई घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। प्रसिद्ध ऐतिहासिक भद्रकाली मंदिर परिसर में इस तरह की संदिग्ध मौत से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के मन में कई सवाल और चिंताएं पैदा हो गई है। जिला परिषद उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी श्रीनिवासाचार्य हमेशा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सेवा कार्य से जुड़े रहे थे। उनका स्वभाव बेहद सरल और मिलनसार था, और उनकी इस प्रकार असमय मौत से हर कोई स्तब्ध और दुखी है।

