डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सउदी अरब के पूर्वी प्रांत स्थित रणनीतिक ‘किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ (दम्माम एयरपोर्ट) पर बुधवार देर रात हुए भीषण ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इस बीच, बढ़ते सुरक्षा संकट को देखते हुए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को तुरंत सउदी अरब छोड़ने का आदेश जारी कर दिया है।
एअरपोर्ट से लेकर ऑयल फैसिलिटी तक बने निशाना
सउदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, दम्माम एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला बेहद सुनियोजित था, जिसमें ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इस हमले की चपेट में आने से एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और कई उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े हैं। इससे पहले, शायबाह तेल क्षेत्र के पास अरामको की सुविधा को निशाना बनाकर दागे गए एक अन्य ड्रोन को एयर डिफेंस ने हवा में ही रोक दिया था, लेकिन उसके मलबे की चपेट में आने से नेपाल और फिलीपींस के नागरिकों की भी मौत हो चुकी है। पिछले कुछ हफ्तों में यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सउदी अरब के तेल भंडारों, हवाई अड्डों और सिविलियन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय दूतावास ने की पुष्टि, परिवारों से संपर्क में अधिकारी
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की है। दूतावास ने बताया कि वे स्थानीय सउदी अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।
दूतावास का बयान: सउदी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कल रात दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में जान गंवाने वालों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, और दो अन्य भारतीय घायल हुए हैं। हम प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया करा रहे हैं और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिका का बड़ा कदम और गहराता क्षेत्रीय संकट
इस ताजा और जानलेवा हमले के बाद अमेरिका ने अपने स्टाफ के परिवारों को देश छोड़ने का आदेश देकर संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और भयानक रूप ले सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हूती विद्रोहियों के इन लगातार हमलों से रियाद के सामने गंभीर सुरक्षा चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इस महीने अकेले सउदी हवाई अड्डों और ठिकानों पर हुए हमलों में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरी खाड़ी में युद्ध जैसे हालात गहराते जा रहे हैं।

