डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:जिला मुख्यालय के समाहरणालय सभागार में जिला उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक का मुख्य फोकस सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में खाद्यान्न वितरण की मौजूदा स्थिति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व संवेदकों पर शिकंजा कसना रहा।
लापरवाही पर चार बीएसओ को नोटिस
समीक्षा के दौरान गोलमुरी-सह-जुगसलाई, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो नगर निगम क्षेत्र और पटमदा प्रखंड में राशन वितरण में सुस्ती और कोताही का मामला सामने आया। इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि अगले महीने तक उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
समय पर डोर स्टेप डिलीवरी और ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी
खाद्यान्न की लिफ्टिंग और डोर स्टेप डिलीवरी में देरी करने वाले ट्रांसपोर्टर्स और संवेदकों को डीसी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। निर्देश दिया गया है कि हर महीने के पहले सप्ताह तक अनिवार्य रूप से पीडीएस दुकानदारों तक खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लाभार्थियों के बीच हर हाल में 15 तारीख तक राशन का वितरण पूरा किया जा सके। तय समय पर काम न करने वाले संवेदकों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
इसके अलावा, नमक और चना दाल वितरण की धीमी रफ्तार पर भी नाराजगी जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि खाद्यान्न, नमक और चना दाल का एक साथ कीट (पैकेट) तैयार कर वितरण किया जाए, जिससे प्रक्रिया में तेजी आ सके।
अपात्र लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाने के निर्देश
बैठक में यह कड़ा निर्देश दिया गया कि यदि राशन कार्ड में कोई भी सदस्य आयकरदाता पाया जाता है, तो पूरे परिवार का नाम कार्ड से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही, राशन कार्ड में नए नाम जोड़ने या कार्ड सक्रिय करने से जुड़े लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने को कहा गया ताकि पात्र और जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में इन बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की प्रगति।
पीजीएमएस पोर्टल और ईआरसीएमएस पोर्टल पर डीएसओ व बीएसओ स्तर पर लंबित पड़े आवेदनों का त्वरित निपटारा।
राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी।
सरकारी गोदामों की मरम्मत और दाल-भात केंद्रों की कार्यप्रणाली।
अंत में डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि योजनाओं के संचालन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी पात्र लाभुक को असुविधा का सामना न करना पड़े।

