चोरबागान भगदड़ कांड: एसआईटी का बड़ा एक्शन, दो डीसी समेत 16 पुलिस अधिकारी तलब, राइटर्स बिल्डिंग में मैराथन पूछताछ

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: चोरबागान में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम ने शनिवार को राइटर्स बिल्डिंग में अपनी दूसरी अहम बैठक बुलाई। इस बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में हुई लापरवाहियों की परतें उधेड़ने के लिए कोलकाता पुलिस के 16 अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया गया है।

जांच के दायरे में आए इन अधिकारियों में डीसी रैंक के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही, गिरिश पार्क थाने के जिम्मेदारों और लालबाजार के कई अहम अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी सभी अधिकारियों को अलग-अलग बैठाकर क्रॉस-क्वेश्चन कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि आपदा के वक्त कमांड चेन में कहां चूक हुई थी।

क्यों और कैसे हुआ था हादसा?
​बीती 17 अक्टूबर की शाम चोरबागान इलाके में मची भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने इस उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया था। इस पूरी पड़ताल का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी के पीछे जिम्मेदार कौन था। एसआईटी मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है।
​भीड़ नियंत्रण और मैनेजमेंट: पंडाल के अंदर और बाहर लोगों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए थे।
​एंट्री और एग्जिट: पंडाल में प्रवेश और निकास के रास्ते पर्याप्त थे या नहीं।
​सुरक्षा के इंतजाम: पंडाल में लाइटिंग की क्या व्यवस्था थी और इसकी संरचनात्मक मजबूती कैसी थी।
​आयोजकों की भूमिका: क्या पूजा कमेटियों की तरफ से सुरक्षा मानकों या गाइडलाइंस की अनदेखी की गई थी।

छह सदस्यीय एसआईटी में कौन-कौन शामिल?
​इस सनसनीखेज मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनिंदिता राय सरस्वती की अध्यक्षता में एक मजबूत 6 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। टीम के अन्य प्रमुख सदस्यों में
​राजेश सिन्हा (प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन व नागरिक सुरक्षा विभाग),
​जावेद शमीम (डीजी, राज्य एसटीएफ), मनोज वर्मा (अतिरिक्त निदेशक, सुरक्षा) शामिल है।

​गृह पर्वतीय मामलों के विभाग का एक वरिष्ठ प्रतिनिधि
​राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि एसआईटी को अपनी यह विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी तीन महीने के भीतर तैयार करके नवान्न (राज्य सचिवालय) को सौंपनी होगी। रिपोर्ट में हादसे के कारणों के साथ-साथ भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए पुख्ता सुरक्षा सुझाव भी देने होंगे।

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