जमशेदपुर: धर्म के आधार पर बंटवारा हुआ जो लोग भारत में रह गए उनके हिस्से की जमीन पाकिस्तान सिंध के रूप में लौटाए।
यह कहना है भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार का । श्री पोद्दार ने सोमवार को ट्वीट घर यह मांग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , प्रधानमंत्री कार्यालय , पाकिस्तान सरकार एवं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के नाम ट्वीट कर रखी है । धर्मचंद पोद्दार ने जानकारी देते हुए बताया कि सन 1947 में धर्म के आधार पर बंटवारा हुआ था । बहुत कम लोग पाकिस्तान गए व अधिकांश लोग भारत में ही रह गए । श्री पोद्दार का कहना है कि जितने लोग भारत में रह गए उनके हिस्से की जमीन तो पाकिस्तान में चली गई, जिस अनुपात में लोग यहां रह गए थे उस अनुपात की भूमि पाकिस्तान को सिंध के रूप में भारत को लौटा देनी चाहिए । कहा कि पाकिस्तान अगर भारत के साथ संबंधों में सुधार चाहता है तो यह कार्य उसे अविलंब करना चाहिए। यह भी कहा कि सिंध की जनता पाकिस्तान के हुक्मरान से परेशान है और वह आजादी चाहती है । सिंध के लोग अपनी आजादी की लड़ाई निरंतर लड़ रहे हैं। कहा कि पाकिस्तान में जो अधिक भूमि चली गई है उसे लौटाने का कार्य भी हो जाएगा और सिंध को पाकिस्तान से आजादी भी मिल जाएगी । सिंध को भारत में मिलाया जा सकेगा । आज के परिपेक्ष्य में यह बहुत ही उचित कदम होगा । इससे सिंध की जनता को भी पाकिस्तानी हुक्मरानों से निजात मिल जाएगी और भारत के लोग भी इस प्रकार के नीतिपूर्ण उठाए गए कदम का हृदय से स्वागत करेंगे । यह जानकारी भारतीय जन महासभा के द्वारा जारी की गयी एक विज्ञप्ति में दी गई है।
श्री पोद्दार का कहना है कि जितने लोग भारत में रह गए उनके हिस्से की जमीन तो पाकिस्तान में चली गई, जिस अनुपात में लोग यहां रह गए थे उस अनुपात की भूमि पाकिस्तान को सिंध के रूप में भारत को लौटा देनी चाहिए । कहा कि पाकिस्तान अगर भारत के साथ संबंधों में सुधार चाहता है तो यह कार्य उसे अविलंब करना चाहिए। यह भी कहा कि सिंध की जनता पाकिस्तान के हुक्मरान से परेशान है और वह आजादी चाहती है । सिंध के लोग अपनी आजादी की लड़ाई निरंतर लड़ रहे हैं। कहा कि पाकिस्तान में जो अधिक भूमि चली गई है उसे लौटाने का कार्य भी हो जाएगा और सिंध को पाकिस्तान से आजादी भी मिल जाएगी । सिंध को भारत में मिलाया जा सकेगा । आज के परिपेक्ष्य में यह बहुत ही उचित कदम होगा । इससे सिंध की जनता को भी पाकिस्तानी हुक्मरानों से निजात मिल जाएगी और भारत के लोग भी इस प्रकार के नीतिपूर्ण उठाए गए कदम का हृदय से स्वागत करेंगे ।
यह जानकारी भारतीय जन महासभा के द्वारा जारी की गयी एक विज्ञप्ति में दी गई है।