बिहार में नई सरकार को लेकर हलचल तेज है। बिहार की राजनीति में तेजी से हो रहे घटनाक्रम के बीच जेडीयू कार्यालय से एक अहम बदलाव की तस्वीर सामने आई है। पार्टी कार्यालय के बाहर लगे “2025 से 2030 फिर से नीतीश” वाले पोस्टर हटा दिए गए हैं। ये वही नारा था, जिसके साथ जेडीयू ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और नीतीश कुमार के नेतृत्व को प्रमुखता से पेश किया था।
’25 से 30 फिर से नीतीश’ पोस्टर बना इतिहास
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जदयू कार्यालय में नीतीश कुमार का करीब 25 से 30 फीट ऊंचा पोस्टर लगा था, जिसमें वे प्रमुख चेहरा थे। जदयू ऑफिस के बाहर ’25 से 30 फिर से नीतीश’ के स्लोगन वाले पोस्टर लगातार पार्टी ऑफिस की शोभा बढ़ा रहे थे। लेकिन अब ये पोस्टर इतिहास बन गया। 25 से 30 फिर से नीतीश वाले पोस्टरों को जदयू ऑफिस के बाहर से हटा दिया गया है।
नीतीश युग के अंत का संकेत
नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों के बीच इस कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जदयू कार्यालय के बाहर ‘25 से 30 फिर से नीतीश’ के नारे वाले पोस्टर हटते ही यह चर्चा तेज हो गई है कि सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि पार्टी में भी बड़े बदलाव की संभावना है। राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ पोस्टर हटना नहीं, बल्कि संभावित नेतृत्व परिवर्तन का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं।
मुख्यमंत्री की कुर्सी “हाइजैक” कर ली-तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने ‘25 से 30 फिर से नीतीश’ के नाम पर वोट दिया था, लेकिन बीजेपी ने नीतीश कुमार को जबरन उनके पद से हटाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी “हाइजैक” कर ली। तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “जदयू अब पहले जैसी नहीं रही, बल्कि भाजपा का प्रकोष्ठ बन गई है। भाजपा के एजेंट ही जदयू में हैं, जिन्होंने पार्टी को खत्म कर दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार की जिस तरह से विदाई हुई, वह बेहद दुखद है।

