दुर्गा पूजा समितियों को ममता सरकार का बड़ा चुनावी तोहफा: अनुदान बढ़ा, बिजली बिल में छूट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क/कोलकाता: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा समितियों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने वार्षिक अनुदान में 25,000 रुपये की बंपर बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे अब प्रत्येक समिति को 85,000 रुपये के बजाय 1.10 लाख रुपये मिलेंगे। इस कदम से राज्य भर की 45,000 से अधिक पूजा समितियों को लाभ मिलेगा।

अनुदान में वृद्धि और अन्य रियायतें

गुरुवार को कोलकाता में आयोजित दुर्गा पूजा आयोजकों की वार्षिक समन्वय बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार CESC और राज्य विद्युत वितरण बोर्ड पूजा समितियों को बिजली बिल में 80% की छूट देंगे, जो पिछले साल 75% थी। इसके अतिरिक्त, पूजा समितियों को फायर लाइसेंस के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। पिछले साल भी सरकार ने अनुदान में 15,000 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह 70,000 रुपये से बढ़कर 85,000रुपये हो गया था।

विसर्जन और कार्निवल की घोषणा

मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 2 से 4 अक्टूबर तक होगा, और 5 अक्टूबर को पूजा कार्निवल आयोजित किया जाएगा।

भाजपा ने बताया चुनावी चाल

मुख्य विपक्षी भाजपा ने इस वृद्धि को चुनावी चाल बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि राज्य पर ₹7 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज होने, सरकारी विभागों में लाखों पद खाली होने और कर्मचारियों के डीए बकाया होने के बावजूद सरकार का ध्यान इन मुद्दों पर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम क्लबों को खुश करने और चुनाव में उनका इस्तेमाल करने के लिए उठाया गया है। इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर ₹4,900 करोड़ से अधिक का बोझ पड़ेगा।

पूजा आयोजन के लिए दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्ण पूजा आयोजन के लिए पुलिस को कई निर्देश दिए। उन्होंने पूजा आयोजकों से पंडालों में अलग प्रवेश और निकास द्वार रखने, अग्नि सुरक्षा उपायों पर जोर देने और आपातकालीन स्थिति के लिए डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा। भीड़ नियंत्रण के लिए माइक पर लगातार घोषणाएं करने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के भी निर्देश दिए गए।

जिलों की पूजा की सराहना

ममता बनर्जी ने जिलों की दुर्गा पूजा पंडालों की सराहना करते हुए कहा कि वहां बहुत अच्छे और आकर्षक थीम वाले पंडाल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पूजा समितियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। 2011 में सत्ता में आने के बाद ममता सरकार ने प्रति समिति 25,000 रुपए का अनुदान देना शुरू किया था, जो अब 1.10 लाख रुपए तक पहुंच गया है।

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