630 से अधिक छात्रों ने लिया ट्रैफिक नियमों के पालन का संकल्प, युवाओं में बढ़ा सुरक्षा का संदेश
🎓 एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में मंगलवार को बी.एन. कॉलेज सिसई परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में एनसीसी (नेशनल कैडेट्स कॉर्प्स) के 630 से अधिक कैडेट्स तथा गुमला, सिसई, सिमडेगा, लोहरदगा और आसपास के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।

🚗 सावधानी और अनुशासन ही सुरक्षा की कुंजी: डीटीओ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि “सावधानी और अनुशासन ही सड़क सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल है।”
उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, यातायात नियमों के पालन और सड़क पर संयमित व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन न चलाएं, नशे की हालत में ड्राइविंग से बचें और ट्रिपल राइडिंग जैसी खतरनाक आदतों से दूरी बनाए रखें।

💡 “Good Samaritan” योजना की जानकारी दी गई
सड़क सुरक्षा टीम की ओर से विद्यार्थियों को “Good Samaritan योजना” के बारे में बताया गया।
इस योजना के तहत, यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना के घायल को “गोल्डन ऑवर” के भीतर अस्पताल पहुंचाता है तो उसे ₹2,000 नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
इसके अलावा “हिट एंड रन” मामलों में मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायल होने पर ₹50 हजार की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
✋ छात्रों ने ली सड़क सुरक्षा शपथ
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
👮 अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, प्रधान लिपिक टी.एन. निराला, सड़क सुरक्षा प्रबंधक कुमार प्रभाष, आईटी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी,
46 झारखंड बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी पी.बी. शर्मा, सिसई थाना प्रभारी संतोष कुमार एवं एनसीसी फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।
🌟 युवाओं में जागी जिम्मेदार नागरिकता की भावना
यह अभियान जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और युवाओं में जिम्मेदार नागरिकता की भावना जगाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।

