बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कानून-व्यवस्था और मतदान सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिहार के वोटर्स को भरोसा दिलाया कि कई पुलिस ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर, जिला परिषद के ऑफिसर फ्री और फेयर चुनाव कराने के लिए तैयार हैं, जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम करेगा।

कानपुर में माथुर वैश्य समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने बिहार चुनाव पर बात की। उन्होंने साफ कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर मतदाता बिना डर के अपने अधिकार का उपयोग कर सके।
हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस
मुख्य चुनाव आयुक्त ने हिंसा के टॉपिक पर, इलेक्शन कमीशन यह साफ करना चाहता है कि इलेक्शन कमीशन हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस रखता है। हिंसा की कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इलेक्शन कमीशन यह पक्का करने के लिए तैयार है कि वोटर शांति से वोट कर सकें। हमारे 243 रिटर्निंग ऑफिसर, इतने ही ऑब्जर्वर, हर जिले के कलेक्टर, जिला अधिकारी, SP, SSP, पुलिस ऑब्जर्वर, सभी तैयार हैं।
दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद सीईसी का बयान
सीईसी ज्ञानेश कुमारका ये बयान मोकामा से जदीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद आया है। 30 अक्टूबर को मोकामा विधानसभा क्षेत्र में नेता दुलारचंद यादव की हत्या के बीच आई है। उस समय वे उस क्षेत्र से जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शिनी की रैली में मौजूद थे। हत्या के बाद, मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

