लालू यादव का परिवार, बिहार की राजनीति में सबसे मजबूत माना जाता था। हालांकि, तेज प्रताप का पार्टी से निष्कासन और नई पार्टी की गठन के बाद बाहर आया पारिवारिक कलह क बार फिर सार्वजनिक हो गया है। रोहिणी के परिवार छोड़ने और उसके बाद भावुक पोस्ट ने परिवार के भीतर चल रही कड़वाहट को सरेआम कर दिया। तीन और बेटियों के पटना आवास छोड़ने की खबर के बाद परिवार लगभग बंट चुका है। इस बीच बीजेपी को राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव की चिंता सताने लगी है!

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में मचे घमासान के बीच भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए है। अजय आलोक ने एक्स पर लिखा, “क्या लालू जी और राबड़ी देवी को क़ैद कर लिया गया है? जान पर खतरा? रोहिणी जी को FIR करनी चाहिए, तेजप्रताप साथ जाएं… मिसा क्यों चुप हैं?”
भाजपा प्रवक्ता के पोस्ट हो रहे वायरल
आलोक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा प्रवक्ता के बयान पर राजद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजद समर्थकों का कहना है कि यह बयान केवल लालू परिवार को बदनाम करने की साजिश है।
यादव परिवार में बढ़ी टकराहट से कमजोर हुई राजद
बता दें कि साल 2025 की शुरुआत में तेज प्रताप यादव की महिला मित्र के साथ एक फोटो वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गए। स्थिति गंभीर होने पर लालू यादव ने कठोर कदम उठाते हुए तेज प्रताप को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया। यह पहली बार था, जब लालू यादव ने पहली बार अपने बेटे को सार्वजनिक रूप से अलग किया। इसके बाद बागी हुए तेज प्रताप ने इसे जयचंदों का खेल बताया था और बाद में अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की स्थापना कर दी। तेज प्रताप के घर से निकलने और नई पार्टी के गठन ने परिवार में टकराहट बढ़ी और बिहार की सियासत में राजद कमजोर हुई।
रोहिणी आचार्य के बड़े आरोप
तेज प्रताप के परिवार से निकलने के बाद परिवार संभलता दिख रहा था। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की आंधी ने पूरी जड़ें हिला दी। विधानसभा चुनाव के नतीजो के बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर परिवार और राजनीति दोनों से दूरी की घोषणा कर दी। भावुक रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए कहा कि उनके बारे में तेजस्वी के करीबी सहयोगी कह रहे हैं कि उन्होंने अपने पिता को ‘गंदी किडनी’ दी, इसके बदले करोड़ों रुपये और टिकट लिया। उन्होंने दुख जताते हुए लिखा- ‘किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी न हो।’ इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरजेडी की चुनावी हार के पीछे तेजस्वी के बाहरी सलाहकार संजय यादव और रमीज का दखल है, जिन्हें उन्होंने ‘परिवार का तोड़नेवाला गैंग’ बताया।

