डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर: जिले में रहने वाले एड्स पीड़ित मरीजों के लिए सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण और राहत भरी योजना की शुरुआत की गई है। इन मरीजों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अब मासिक पेंशन दी जाएगी। इस योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया महात्मा गांधी मेमोरियल अस्पताल, जमशेदपुर में आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।
यह पहल एड्स से जूझ रहे लोगों को नियमित आय का साधन प्रदान करेगी, जिससे वे बेहतर जीवन जी सकें और अपनी स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। यह न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारेगी, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से मुख्यधारा में शामिल करने में भी मददगार साबित होगी।
पेंशन के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए, एड्स मरीजों को एमजीएम अस्पताल स्थित एआरटी (ART-Anti-Retroviral Therapy) सेंटर में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे। एआरटी सेंटर ही इस योजना के तहत आवेदन प्राप्त करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए नोडल केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
यह दस्तावेज रखे तैयार
अपडेटेड बैंक पासबुक की फोटोकॉपी: यह सुनिश्चित करने के लिए कि पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जा सके। पासबुक में हालिया लेनदेन दर्ज होना चाहिए।
आधार कार्ड की फोटोकॉपी: पहचान और पते के प्रमाण के रूप में, जो सरकारी योजनाओं के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज है।
ग्रीन बुक के पहले पन्ने की फोटोकॉपी: ‘ग्रीन बुक’ एड्स मरीजों के इलाज और रिकॉर्ड से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
पासपोर्ट साइज का एक फोटोग्राफ: आवेदन फॉर्म पर लगाने के लिए।
विशेष और अनिवार्य शर्त
इस पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए एक अनिवार्य शर्त है कि मरीज का अपना बैंक खाता होना जरूरी है। संयुक्त खाता या किसी अन्य व्यक्ति के खाते में पेंशन राशि नहीं भेजी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और राशि सीधे लाभार्थी तक पहुंचे।
एमजीएम अस्पताल प्रशासन ने सभी योग्य मरीजों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एआरटी सेंटर से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेज जमा कराकर इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाएं।

