गांव-गांव में सोलर संग्राम: सबसे ज़्यादा रिन्यूएबल एनर्जी लगाने वाले गांव को मिलेगा 1 करोड़ का इनाम

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में पीएम–सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मॉडल सोलर विलेज निर्माण के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, जिप उपाध्यक्ष पंकज, सीईओ–सह–सचिव जिला परिषद नागेन्द्र पासवान, विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सुदीप्त राज, तीनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, एलडीएम प्रतिनिधि और सभी संबंधित प्रखंडों के बीडीओ उपस्थित रहे।

जिला में चुने गए 10 गांव, इनमें से एक बनेगा ‘मॉडल सोलर विलेज’

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों और जिले में ऐसे 10 गांवों के नहीं होने पर अधिकतम आबादी वाले गांवों को चिन्हित किया जाना है। इसी क्रम में जिले के 7 प्रखंडों के 10 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें मुसाबनी: पारूलिया, धोबनी, धालभूमगढ़: कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला: बड़ाजुड़ी, पोटका: हाड़तोपा, कालिकापुर, बहरागोड़ा: मानुषमुड़िया, पटमदा: बड़ा बांगुड़दा, बिडरा और बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं।

इन गांवों में छह माह का challenge period निर्धारित किया गया है, इस दौरान PM–KUSUM तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का स्थापना/वितरण व गांवों के मध्य स्वस्थ प्रतियोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। छह माह के अंत में जिस गांव में अधिकतम Renewable Energy अधिष्ठापन क्षमता होगी, उसे ‘मॉडल सोलर विलेज’ घोषित किया जाएगा। उस विजेता गांव को 01 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

बैठक में उपायुक्त द्वारा विकास शाखा के प्रभारी व सभी संबंधित बीडीओ को निर्देशित किया गया कि चयनित सभी गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की विस्तृत जानकारी दें। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सोलर योजनाओं की पात्रता, सब्सिडी व आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जाए। विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें। सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल स्थापना, पीएम–कुसुम के विभिन्न घटकों का क्रियान्वयन, सोलर आधारित सिंचाई, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाई मास्ट लाइट आदि पर व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा कि गांवों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाएं। ताकि ग्रामीण अधिकतम संख्या में सौर ऊर्जा अपनाकर ‘ग्रीन विलेज, क्लीन विलेज’ की दिशा में आगे बढ़ें।

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