केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत पीएम कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर “सेवा तीर्थ” (Seva Teerth) कर दिया है।
🔹 नाम बदलाव का मकसद और कारण
नया PMO कंप्लेक्स, जो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार हुआ है, अब आधिकारिक तौर पर Seva Teerth कहलायेगा।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा का प्रतीक है — “सत्ता” से ज़्यादा “सेवा”, “हक” से ज़्यादा “ज़िम्मेदारी” — ताकि प्रशासन जनता के प्रति अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बना रहे।
🏛️ अन्य नामों का भी हुआ रूपांतरण
यह बदलाव अकेले PMO तक सीमित नहीं है।
पहले “राजभवन” कहलाने वाले गवर्नर निवास को अब “लोक भवन” नाम मिला है।
कई अन्य सरकारी भवनों और मार्गों के नाम भी बदले गए — जिससे संकेत मिलता है कि सरकार प्रशासनिक पहचान और जनसेवा की सोच में बदलाव ला रही है।
🧭 क्या है Seva Teerth का महत्व?
यह केवल एक नया नाम नहीं, बल्कि यह सरकार के मनुष्यों से जुड़ी प्रशासनिक नब्ज — सेवा, जवाबदेही और जनता के प्रति समर्पण — को उजागर करता है।
नए नाम से यह संदेश जाता है कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सत्ता या भव्यता नहीं, बल्कि जनता की सेवा है।
इससे उम्मीद है कि सरकार एवं सार्वजनिक संस्थाएं “शक्ति” से अधिक “सेवा” को प्राथमिकता देंगी, जो लोकतंत्र व जनता के लिए सकारात्मक संकेत है।

