बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी हार के बाद से नेता प्रतिपक्ष की पब्लिक अपीयरेंस कम हो गई है। हालांकि, एक दिन पहले शुक्रवार को तेजस्वी सोशल मीडिया पर एक्टिव नजर आए। उन्होंने उत्तराखंड के बीजेपी नेता के बिहार की महिलाओं को लेकर दिए बयान पर जोरदार हमला बोला। अब, लंबे समय से नेता प्रतिपक्ष के सार्वजनिक जीवन में सीमित मौजूदगी को लेकर बीजेपी ने सीधा और तीखा हमला किया है।

“जारी है लापता की तलाश”
बिहार बीजेपी के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर जारी एक पोस्टर में तेजस्वी यादव के सार्वजनिक जीवन से गायब रहने पर सवाल उठाया गया है। बीजेपी की ओर से जारी पोस्ट में एक तस्वीर साझा की गई है, जिसमें लिखा है कि बीता साल, लेकिन जारी है लापता की तलाश। इसके साथ तेजस्वी यादव का नाम, उम्र और पहचान के तौर पर चारा घोटाला के आरोपी लालू प्रसाद यादव के छोटे पुत्र लिखा है।
जगजीत सिंह की गजल के जरिए हमला
पोस्ट में मशहूर शायर जगजीत सिंह की गजल की पंक्ति “चिट्ठी ना कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए भी लिखी गई है। बीजेपी का आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव हार का सामना करने के बजाय यूरोप में छुट्टियां मना रहे हैं। पार्टी का कहना है कि बिहार में इस वक्त कई मुद्दे हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष की आवाज सुनाई नहीं दे रही।
एजाज अहमद का पलटवार
बीजेपी के इस पोस्ट पर आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को तेजस्वी यादव को ढूंढना है, तो उन्हें गरीबों के दिलों में, झोपड़ियों में और आम जनता के बीच तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां गरीबों पर अत्याचार हो रहा है, वहां तेजस्वी यादव उनकी आवाज बनकर खड़े हैं। एजाज अहमद ने यह भी दावा किया कि बिहार की जनता का भरोसा और समर्थन तेजस्वी यादव के साथ है, जो एनडीए को भारी जीत के बाद भी हासिल नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है और शोषित-वंचित वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने का काम कर रही है।
बीजेपी पर बरसे तेजस्वी
इससे पहले 2 जनवरी को तेजस्वी यादव ने उत्तराखंड के एक बीजेपी नेता का 39 सेकंड का वीडियो शेयर किया, जिसमें महिलाओं और बिहार को लेकर कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। वीडियो साझा करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी की सोच महिलाओं और बिहार के प्रति शुरू से ही जहरीली रही है। उन्होंने लिखा कि पहले महिलाओं के वोट खरीदने की बात की गई और अब बिहार से लड़कियों को पैसे देकर लाने जैसे बयान दिए जा रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
नए साल की भी दी थी शुभकामनाएं
वहीं, 1 जनवरी 2026 को भी तेजस्वी यादव ने नए साल की शुभकामनाएं दी थीं, लेकिन उस पोस्ट में भी उन्होंने अपनी लोकेशन या लंबे समय से सार्वजनिक मंचों से दूर रहने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। यही वजह है कि बीजेपी का हमला और तेज हो गया है।

