शशि थरूर ने अब नेहरू को लेकर दिया ऐसा बयान, कांग्रेस में मच जाएगी खलबली

Neelam
By Neelam
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक ताजा बयान ने सियासी हलचल मचा दी है। पिछले कुछ समय से कांग्रेस के आधिकारिक रुख के विपरीत रुख अख्तियार कर रहे शशि थरूर ने कहा है कि वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के प्रशसंक हैं लेकिन उनकी सभी बातों का समर्थन करना संभव नहीं है। शशि थरूर ने माना कि नेहरू के कुछ फैसलों के कारण 1962 में भारत को चीन से हार मिली।

नेहरु के प्रशंसक हैं लेकिन अंधभक्त नहीं-थरूर

थरूर गुरुवार को केरल विधानसभा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव के चौथे संस्करण में पहुंचे थे। यहां शशि थरूर ने देश की राजनीति में इतिहास को लेकर जारी घमासान के बीच सत्तारुढ़ भाजपा की रणनीति पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के प्रशंसक हैं, लेकिन अंधभक्त नहीं हैं। शशि थरूर ने कहा कि नेहरु के योगदान को नकारा नहीं जा सकता, पर यह भी सच है कि उनके हर विचार और हर निर्णय का समर्थन करना न तो जरूरी है और न ही बौद्धिक रूप से यह ईमानदारी होगा।

बीजेपी निश्चित रूप से नेहरू विरोधी-थरूर

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया था, मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है। वे हर चीज के लिए नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हैं।

नेहरू के फैसलों की आलोचना

साल 1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए शशि थरूर ने कहा कि मौजूदा सरकार की पंडित नेहरू पर की जा रही आलोचना का कुछ आधार हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार को कुछ हद तक नेहरू के फैसलों से जोड़ा जा सकता है। लेकिन अब जो हो रहा है, वह यह है कि नेहरू को हर बात के लिए दोषी ठहराया जाता है, चाहे मुद्दा कुछ भी हो।

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