दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और परिवार के दूसरे सदस्यों के खिलाफ लैंड फॉर जॉब मामले में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। जिसके बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है।
लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के ऊपर अदालत के इस निर्णय के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। बिहार में सत्ताधारी दलों के नेताओं ने कोर्ट के इस निर्देश का स्वागत करते हुए लालू परिवार पर जमकर हमला बोला है।
लालू परिवार की संपत्तियों को जब्त करने की मांग
जनता दल युनाइटेड (जदयू) ने तो लालू परिवार की संपत्तियों को जब्त कर उन पर अनाथालय और वृद्धाश्रम खोलने तक की मांग कर दी है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद का परिवार एक क्रिमिनल पॉलिटिकल सिंडिकेट चला रहा था। उनकी वजह से बिहार के समाजवादी आंदोलन पर कलंक का टीका लग गया। न्यायपालिका ने उचित आदेश दिया है, अब अपेक्षा है कि इस मामले की तेजी से सुनवाई कर निष्पादन किया जाएगा।
राजनीति को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप
अदालत के फैसले के तुरंत बाद भाजपा ने तीखा हमला बोला और लालू परिवार को ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ तक कह डाला। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरा लालू यादव परिवार एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम करता है और आज के कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय किए हैं। ये लोग भ्रष्टाचार के जरिए बेहिसाब दौलत जमा करने के लिए राजनीति को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
लालू समेत 40 से अधिक पर आरोप तय
बता दें कि दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। साथ ही IPC के तहत अन्य अपराधों का भी आरोप है। वहीं उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप है।

