मनरेगा के नाम पर दिखावे की राजनीति कर रही है हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडी

KK Sagar
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झारखंड में मनरेगा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम–कांग्रेस गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मनरेगा के नाम पर ढोंग और दिखावे की राजनीति करने वाली हेमंत सोरेन सरकार ने नैतिकता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के सबसे बड़े मनरेगा घोटालों में आरोपित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को दो वर्षों से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा कराए जाने के तुरंत बाद झारखंड की नौकरशाही में एक बार फिर ऊँचे, महत्त्वपूर्ण और “मालदार” पद पर बैठा देना सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति वास्तविक नीयत को उजागर करता है।

भ्रष्टाचार पर सरकार का दोहरा रवैया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार सार्वजनिक मंचों पर मनरेगा की दुहाई देती है, लेकिन पर्दे के पीछे उसी योजना को खोखला करने वाले अधिकारियों को संरक्षण और पुरस्कार देती है। उन्होंने कहा कि इस सरकार का संदेश साफ है—

“जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना ही महत्वपूर्ण अधिकारी।”

मरांडी ने कहा कि मनरेगा जैसी गरीबों के रोजगार और अधिकार से जुड़ी योजना को लूटने वालों के प्रति यह सहानुभूति केवल सत्ता संरक्षण का परिणाम है।

केंद्र सरकार के सुधार बने बाधा

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा को पारदर्शी बनाने के लिए सुधार लागू किए, तो कांग्रेस और झामुमो को वही सुधार खटकने लगे। उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग के लिए रोजगार के बढ़े दिनों से भी यह सरकार असहज दिखाई दी और नाम का बहाना बनाकर केंद्र पर आरोप लगाने लगी।

राजनीतिक दिखावे पर तंज

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तंज कसते हुए कहा कि मनरेगा के प्रारूप में किए गए बदलावों को समझने के लिए उन्हें राजनीतिक दिखावे के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिलने के बजाय ईमानदार अधिकारियों के साथ बैठक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होगा कि किस तरह मोदी सरकार ने मनरेगा को भ्रष्ट अधिकारियों, बिचौलियों और दलालों के “पंजे” से मुक्त करने का प्रयास किया है।

सियासत और तेज होने के संकेत

भाजपा के इस तीखे हमले के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर मनरेगा और भ्रष्टाचार को लेकर बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जेएमएम–कांग्रेस सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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