डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई। बैठक में डीएफओ सबा आलम अंसारी, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद जी, डीटीओ धनंजय, एसडीएम घाटशिला सुनील चंद्र, डीएमओ सतीश नायक समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। वहीं अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
पिछले एक माह में 1265 टन खनिज की जब्ती, 10 एफआईआर व 15 वाहन जब्त किए
बैठक में पिछले दिसंबर माह से 16 जनवरी 2026 तक जिले में अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम के लिए गठित टास्क फोर्स, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी व संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। बालू के अवैध कारोबार को लेकर गुड़ाबांदा प्रखंड में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जताई और दोनों एसडीओ को अपने अनुमंडल क्षेत्र में अवैध खनिज कारोबारियों के विरूद्ध कार्रवाई को नेतृत्व करते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि एफआईआर और वाहन जब्ती की संख्या में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। बता दें कि पिछले माह में 10 एफआईआर व 15 वाहन जब्त किए गए। वहीं 1265 टन बालू खनिज का अवैध भंडारण पकड़ा गया। अवैध खनिज परिवहन, भंडारण व खनन को लेकर वर्ष 2025 में कुल 68 एफआईआर हुए तथा 151 वाहन, 10224.64 मीट्रिक टन खनिज का जब्ती एवं 51 लाख 92 हजार रू. जुर्माना वसूला गया।
उपायुक्त द्वारा न्यायालय से अनुमति लेते हुए बालू के निलामी की प्रक्रिया जल्दी पूरा करते हुए सरकार के खाते में राजस्व जमा कराने का निर्देश डीएमओ को दिया गया। उन्होने स्पष्ट कहा कि किसी अंचल में खनिजों का अवैध खनन और परिवहन की स्थिति में संबंधित सीओ और थाना प्रभारी जवाबदेह होंगे। सभी अंचल अधिकारियों तथा थाना प्रभारियों को खनन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निदेश दिया। डीएमओ द्वारा बालू घाटों की निलामी प्रक्रिया की प्रगति पर जानकारी दी गई कि अगले एक माह में गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत ग्रूप ए के दो बालू घाट तथा बहरागोड़ा में ग्रूप बी के एक बालू घाट का संचालन शुरू होने की संभावना है।
ईट भट्टों का अवैध संचाचन हो या खनिजों का अवैध कारोबार उपायुक्त द्वारा सभी सबंधित विभागों यथा खनन, पुलिस, वन, परिवहन व प्रदूषण नियंत्रण को आपसी तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि खनिज संपदा की सुरक्षा, राजस्व वृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होने कहा कि जनहित और राज्यहित में खनन गतिविधियों को पूरी तरह कानून के दायरे में संचालित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रशासन स्तर पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।

