मिडिल ईस्ट में संघर्ष के हालात जारी हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अपने महत्वाकांक्षी ‘गाजा पीस बोर्ड’ में शामिल होने का आधिकारिक न्योता दिया है। खुद डोनाल्ड ट्रंप के बेहद भरोसेमंद और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया में शेयर की है।

व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी के नाम एक पत्र जारी करते हुए लिखा कि “भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री के रूप में, मुझे आपको मध्य पूर्व में शांति को सुदृढ़ करने और साथ ही वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण को अपनाने के इस ऐतिहासिक और भव्य प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है”।
भारत को क्यों मिला आमंत्रण?
भारत को यह न्योता उसकी वैश्विक साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में भूमिका को देखते हुए दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बोर्ड में शामिल देश गाजा की स्थिति पर नजर रखेंगे, मानवीय सहायता, पुनर्निर्माण और संघर्ष रोकने से जुड़े कदमों पर विचार करेंगे। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यदि भारत इस पहल में शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।
ट्रंप के पत्र क्या लिखा
ट्रंप ने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की एक व्यापक योजना की अपनी 29 सितंबर की घोषणा का उल्लेख किया है। पत्र मे लिखा है। 29 सितंबर, 2025 को, मैंने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा की, जो एक असाधारण 20-सूत्रीय रोडमैप है जिसे अरब जगत, इजराइल और यूरोप के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों सहित सभी विश्व नेताओं ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए, 17 नवंबर को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से संकल्प 2803 पारित किया, जिसमें इस दृष्टिकोण का स्वागत और समर्थन किया गया।
13 अक्टूबर 2025 को गाजा शांति समझौता हुआ था
बता दें कि 13 अक्टूबर 2025 को गाजा में दो साल से चली आ रही इजरायल-हमास युद्ध को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद हमास ने बंधकों को रिहा किया था और इजरायल ने भी उनके कैदियों को छोड़ा था। इसके बाद मिश्र के शहर ‘शर्म एल-शेख’ में शिखर सम्मेलन हुआ, जहां गाजा घोषणा पर हस्ताक्षर हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्ष के बीच समझौता कराया था जो कि 20-सूत्री प्रस्ताव पर आधारित था।
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
व्हाइट हाउस के अनुसार, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहल ट्रंप के ’20-प्वाइंट पीस प्लान’ का हिस्सा है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
- ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर
- ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
- वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा
- ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर
- अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन
- अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल
इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवाड़ी को भी गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है।

