नितिन नवीन भाजपा के निर्विरोध 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में इसका ऐलान किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले संबोधन में साफ कर दिया कि भाजपा की ताकत उसका कार्यकर्ता है और आगे की राजनीति भी इसी आधार पर चलेगी।

नितिन नवीन ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। नितिन नवीन ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का प्रमाण है। कार्यकर्ता आधारित राजनीति भाजपा की सोच है। भाजपा की सोच सर्वव्यापी और सर्वग्राही है।
नितिन नवीन ने की पीएम मोदी की तारीफ
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, हमने हमेशा देखा कि आप किस प्रकार से देश सेवा का काम लगातार कर रहे हैं। मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में एक कार्यक्रम में आपके साथ मौजूद था। कार्यक्रम के बाद आपने हमे समझाया कि एक व्यक्ति बड़ा तब बनता है लोगों की भावना से जुड़ता है।
राजनीति सत्ता नहीं साधना है-नितिन नवीन
बीजेपी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि हम राष्ट्र प्रथम के नारे से आगे चलते हैं। हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। भाजपा अगर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है तो प्रेरणादायी नेतृत्व, विचारधारा और कार्यकर्ता हैं।
युवाओं को राजनीति में आने का आह्वान
नितिन नवीन ने कहा वर्तमान पीढ़ी को अपने हिस्से का पुरुषार्थ, त्याग और तपस्या करनी होगी। युवाओं की बात करते हुए उन्होंने कहा, 15 अगस्त 2024 को पीएम मोदी ने युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने का आह्वान किया। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा, राजनीति से दूरी समाधान नहीं,सक्रिय भागीदारी ही समाधान है। लेकिन राजनीति शॉर्टकट नहीं है, राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं है। राजनीति लॉन्ग मैराथन है, जहां पर स्पीड का नहीं स्टैमिना का टेस्ट होगा, इसलिए जरूरी है कि राजनीति की पिच पर हम अपनी जड़ों को मजबूत करके बैटिंग करें।

