रामगढ़। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक रौशन मंगलवार को रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के निरीक्षण दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन पर व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. तौफिकुल हसन, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय राजीव आनंद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार राम, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संदीप बर्तम सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों एवं तृतीय–चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों ने भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर रामगढ़ जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, महासचिव सीताराम समेत अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी न्यायाधीश का स्वागत किया। वहीं रामगढ़ पुलिस की ओर से न्यायालय परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
न्यायमूर्ति दीपक रौशन ने परिसदन में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के साथ बैठक कर व्यवहार न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन के लिए आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही न्यायालय परिसर में प्रस्तावित विटनेस शेड निर्माण स्थल, हाजत एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भवन निर्माण से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए उपस्थित एसडीओ को व्यवहार न्यायालय भवन तथा न्यायिक पदाधिकारी आवासीय परिसर की मरम्मति का कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। न्यायाधीश ने पुराने मामलों के निष्पादन की प्रगति पर भी विशेष जोर देते हुए न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही।
इसके उपरांत न्यायमूर्ति दीपक रौशन ने न्यायिक पदाधिकारी आवासीय परिसर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आवास का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, भवन रख-रखाव एवं मरम्मति को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
न्यायाधीश के इस दौरे को व्यवहार न्यायालय की कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

