डिजिटल डेस्क/ कोलकाता : भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के परिचालन में एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच शुरू हुई देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस पूरी तरह से आम आदमी की ट्रेन होगी। इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कोई वीआइपी या इमरजेंसी कोटा नहीं रखा गया है। रेलवे के कड़े निर्देशों के अनुसार, अब रसूखदार नेताओं या बड़े अधिकारियों की सिफारिश पर सीटें आरक्षित नहीं होंगी। यहां तक कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी अपने ड्यूटी पास के आधार पर इस ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य वीआइपी कल्चर को पूरी तरह खत्म करना और पारदर्शी टिकटिंग प्रणाली को बढ़ावा देना है। यात्रियों के लिए एक और राहत की खबर यह है कि इस ट्रेन में केवल कंफर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसमें वेटिंग लिस्ट या आरएसी का कोई प्रावधान नहीं होगा, जिससे यात्रियों को बर्थ को लेकर होने वाली अनिश्चितता से मुक्ति मिलेगी। ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 कोच थर्ड एसी, 4 कोच सेकंड एसी और 1 कोच फर्स्ट एसी का होगा।

