🇮🇳 आज मनाया जा रहा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
आज देशभर में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस उत्साह और लोकतांत्रिक भावना के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ रखी गई है, जबकि टैगलाइन है — ‘भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक’।
🗣️ शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही किसी भी मजबूत लोकतंत्र का आधार होती है।”
उन्होंने बिहार में चलाए गए SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की सराहना करते हुए कहा कि इसकी सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि तैयार मतदाता सूची पर एक भी अपील दर्ज नहीं हुई, जो इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को दर्शाता है।
🏛️ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी मुख्य अतिथि
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। वह इस अवसर पर युवा मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC) भी सौंपेंगी।
कार्यक्रम में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
👥 निर्वाचन आयोग का शीर्ष नेतृत्व रहेगा मौजूद
इस राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व—
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु
निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी
संयुक्त रूप से करेंगे।
📚 दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का होगा विमोचन
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर दो अहम प्रकाशन लॉन्च किए जाएंगे—
‘वर्ष 2025: पहलों और अभिनवों का वर्ष’
‘चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व’ — बिहार में आम चुनावों के सफल आयोजन पर आधारित विशेष प्रकाशन
इसके साथ ही चुनावी प्रबंधन और लोकतांत्रिक विकास में भारत निर्वाचन आयोग के वैश्विक नेतृत्व को दर्शाने वाला एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
🏫 देशभर में राज्य, जिला और बूथ स्तर पर आयोजन
राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह पूरे देश में एक साथ—
राज्य
जिला
और मतदान केंद्र (बूथ) स्तर पर
आयोजित किए जा रहे हैं।
बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने-अपने मतदान केंद्रों पर नए पंजीकृत मतदाताओं को सम्मानित करेंगे और उन्हें मतदाता पहचान पत्र सौंपेंगे।
✨ लोकतंत्र के उत्सव में नागरिकों की भागीदारी
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि लोकतंत्र और अधिक मजबूत बन सके।

