जिला प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप, कई और कर्मचारी रडार पर
जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर अब सीधी और कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। लापरवाही और अनियमितता के मामलों में पहली बार जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन राजस्व कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है और उनकी सेवा पुस्तिका में लाल कलम चला दी गई है।
अब तक जहां कार्रवाई प्रायः निलंबन तक सीमित रहती थी, वहीं जिला पदाधिकारी की इस सख्त पहल ने पूरे राजस्व विभाग सहित अन्य महकमों में हड़कंप मचा दिया है।
सौम्य डीएम का सख्त अवतार
चर्चा है कि सामान्यतः सौम्य व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले डीएम श्री नवीन अब दोषी कर्मियों के मामलों में बिल्कुल भी नरमी बरतने के मूड में नहीं हैं। उनकी इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
अपर समाहर्ता ने दी जानकारी
अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा ने बताया कि तीन राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही करीब आधा दर्जन अन्य कर्मचारी भी रडार पर हैं, जिनकी शिकायतें जिला पदाधिकारी या उच्च स्तर तक पहुंच चुकी हैं।
इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
बरहट अंचल: पंकज कुमार सिंह
बरहट अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी पंकज कुमार सिंह के खिलाफ तीन वेतन वृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किया गया है।
गिद्धौर अंचल में पदस्थापन के दौरान उन्होंने सेवा मौजा की पंजी-2 जमाबंदी संख्या 2247 में बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के तीन डिसमिल अतिरिक्त गैरमजरुआ खास भूमि जोड़कर रसीद निर्गत कर दी थी।
खैरा अंचल: निरंजन कुमार सिंह
खैरा अंचल में पदस्थापित निरंजन कुमार सिंह पर दो वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है।
लक्ष्मीपुर अंचल में पदस्थापन काल के दौरान दाखिल-खारिज में गंभीर गड़बड़ी का आरोप है। न्यायालय में स्वत्व वाद लंबित रहने के बावजूद, 2015–16 में अस्वीकृत दाखिल-खारिज के बाद भी उन्होंने वर्ष 2022–23 में पुनः स्वीकृति की अनुशंसा कर दी थी।
अलीगंज अंचल: आदेश कुमार सिंह
अलीगंज अंचल में पदस्थापित आदेश कुमार सिंह के खिलाफ भी वेतन वृद्धि पर रोक की कार्रवाई की गई है।
झाझा में पदस्थापन के दौरान उन्होंने नियंत्रण पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना की।
टेलवा बाजार हल्का का संपूर्ण प्रभार राजस्व कर्मचारी को नहीं सौंपते हुए मनमाने ढंग से कार्य कर राजस्व कार्य को बाधित किया।
इसके अलावा, बिना पूर्व अनुमति और बिना अवकाश स्वीकृत कराए 01 जनवरी 2025 से 13 जनवरी 2025 तक अनुपस्थित रहे और उपस्थिति पंजी में स्वयं हस्ताक्षर कर दिए।
स्पष्ट संदेश: लापरवाही नहीं चलेगी
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब राजस्व विभाग में लापरवाही, मनमानी और गड़बड़ी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

