आज पूरे देश में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गणतंत्र दिवस परेड को लेकर राजधानी में हाई अलर्ट है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सुरक्षा बल तैनात हैं। कई प्रमुख मार्गों को एहतियातन बंद किया गया है।
कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, सुबह 9:30 बजे से आयोजन
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड और समारोह का आयोजन किया गया है। परेड की शुरुआत सुबह 9:30 बजे से होगी।
इस दौरान थलसेना, वायुसेना और नौसेना की टुकड़ियां शौर्य और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां और रंगारंग कार्यक्रम भारत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करेंगे।
संविधान बनने से लागू होने तक का ऐतिहासिक सफर
करीब 2 साल, 11 महीने और 17 दिनों तक चले गहन विचार-विमर्श और बहस के बाद 26 नवंबर 1949 को भारत ने अपना संविधान अपनाया।
हालांकि, इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया, जिसके साथ ही भारत औपचारिक रूप से एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना और भारत सरकार अधिनियम 1935 समाप्त हो गया।
26 जनवरी ही क्यों चुनी गई?
भारत 15 अगस्त 1947 को आज़ाद तो हो गया था, लेकिन देश में अब भी अंग्रेजों के बनाए कानून लागू थे। अपना संविधान बनाने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया।
26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 26 जनवरी 1930 को देशभर में पहली बार ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया गया था। 1929 में पूर्ण स्वराज की मांग एक औपचारिक लक्ष्य बनी और 1930 में भारतीयों ने अंग्रेजी हुकूमत को न मानने की शपथ ली। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी को चुना गया।
42वें संशोधन से बदली पहचान
संविधान लागू होने के बाद 1976 में 42वें संशोधन अधिनियम के जरिए इसमें ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े गए। इसके बाद भारत एक संप्रभु, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
संविधान के लागू होते ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को पूर्ण अधिकार मिले और देश में एक नए युग की शुरुआत हुई।
गणतंत्र दिवस परेड की परंपरा
गणतंत्र दिवस परेड भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है।
दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होती है। इसके बाद राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं, राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान अनुशासित कदमताल करते हैं, जबकि स्कूली बच्चे और झांकियां समारोह में रंग भर देती हैं।
प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्वीट कर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा—
“मेरे सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के गौरव, सम्मान और महिमा का प्रतीक यह राष्ट्रीय पर्व आपके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे। विकसित भारत के प्रति आपका संकल्प और भी मजबूत हो।”
गणतंत्र दिवस की बधाई
सभी देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय पर्व देशवासियों में एकता, गर्व और नए भारत के संकल्प को और सशक्त करता है।

