5-डे वर्क वीक की मांग पर बैंक यूनियनों का भारत बंद, ठप रहेंगी सरकारी बैंक सेवाएं

KK Sagar
3 Min Read

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-डे वर्क वीक को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते आज देशभर के सरकारी बैंकों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

सुलह बैठक विफल, हड़ताल का फैसला

यूएफबीयू का यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के असफल रहने के बाद लिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 बैंक संगठनों के संयुक्त मंच ने सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

तीन दिन तक शाखा स्तर की सेवाएं बाधित

गौरतलब है कि 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के कारण पहले ही बैंक बंद थे। ऐसे में मंगलवार की हड़ताल से लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखाओं की सेवाएं ठप रहने की स्थिति बन गई है।

‘कोई आश्वासन नहीं मिला, मजबूरी में हड़ताल’

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने कहा,

“सुलह कार्यवाही के दौरान विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन हमारी मांग पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसलिए हमें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।”

शनिवार अवकाश पर पहले ही बनी थी सहमति

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय ने बताया कि

“मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और UFBU के बीच सभी शनिवारों को अवकाश पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार से शुक्रवार तक रोज़ाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर कर्मचारी सहमत हैं, जिससे काम के घंटों में कोई कमी नहीं आएगी।

‘यह ग्राहकों के खिलाफ नहीं, मानवीय बैंकिंग के लिए आंदोलन’

नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE) के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने कहा,

“यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और मानवीय बैंकिंग प्रणाली के लिए है। पांच-दिवसीय बैंकिंग कोई विलासिता नहीं, बल्कि आर्थिक और मानवीय आवश्यकता है।”

इन सेवाओं पर पड़ेगा असर

हड़ताल के कारण एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में—

नकद जमा व निकासी

चेक क्लीयरेंस

प्रशासनिक कार्य

शाखा-स्तरीय सेवाएं

प्रभावित रहने की संभावना है।

निजी बैंक रहेंगे लगभग सामान्य

हालांकि एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंक इस हड़ताल से लगभग अप्रभावित रहेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाली यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....