भारत-UE के बीच ऐतिहासिक ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ फाइनल, पीएम मोदी ने बताया ‘गेम चेंजर’

Neelam
By Neelam
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भारत और यूरोपीय संघ यानी ईयू के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।

करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर-पीएम मोदी

मोदी ने भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए कहा, “कल ही भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में हो रही है। यह समझौता भारत और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है।” उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता, भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है। इससे विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और सहायक सेवाओं को लाभ होगा।

पीएम मोदी ने कहा- परिवर्तनकारी क्षण

प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते के हस्ताक्षर को नई दिल्ली और 27 देशों के समूह के बीच आर्थिक सहयोग के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण बताया। भारत-ईयू ट्रेड डील पर साइन होने के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया। इससे निवेश बढ़ेगा, नए नवाचार साझेदारी बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी।

ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी के प्रति प्रतिबद्धता-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल जीडीपी के करीब 25% और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है।

समझौते में कितना समय लगा?

इस समझौते की शुरुआत 2007 में हुई थी, लेकिन 2013 में बातचीत टूट गई थी। जून 2022 में इसे दोबारा शुरू किया गया और अब 2026 में जाकर यह मुकाम हासिल हुआ है। जापान और दक्षिण कोरिया के बाद भारत तीसरा एशियाई देश बन गया है जिसने ईवी के साथ ऐसी डील की है। व्यापार का गणित यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच कुल 190 अरब डॉलर (करीब 136 अरब डॉलर का माल व्यापार) का व्यापार हुआ है। इस डील के बाद इसके और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

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