‘नौकरी की फैक्ट्री’ खोलने वाला बजट! इंफ्रा-इंडस्ट्री-डिजिटल पर बड़ा दांव, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

KK Sagar
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। इस बार बजट का मुख्य फोकस रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा और सर्विस सेक्टर को मजबूत करने पर रहा। सरकार ने युवा शक्ति को समर्पित इस बजट में शिक्षा और रोजगार को जोड़ने की नई रणनीति अपनाई है।

वित्त मंत्री ने बजट में तीन बड़े स्तंभों को आधार बनाया—

रोजगार

मैन्युफैक्चरिंग

सर्विस सेक्टर

इन तीनों क्षेत्रों को जोड़कर सरकार का लक्ष्य देश में नई नौकरियों के बड़े अवसर पैदा करना है।

रोजगार बढ़ाने पर जोर

निर्मला सीतारमण ने शिक्षा को रोजगार के ज्यादा करीब लाने की कोशिश की है। बजट में प्रस्ताव रखा गया है कि एजुकेशनल हब्स को इंडस्ट्री के आसपास विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को स्किल और नौकरी के मौके एक साथ मिल सकें।

विशेषज्ञों के मुताबिक बेरोजगारी दर को 3 प्रतिशत तक लाने के लिए हर साल एक करोड़ से ज्यादा नौकरियों की जरूरत होगी। सरकार ने नए फ्रेट कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के जरिए इस चुनौती से निपटने की बात कही है।

बजट का आकार और पूंजीगत खर्च

2026-27 के लिए कुल बजट आकार 53.47 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।

इसमें पूंजीगत खर्च (Capex) के लिए 12.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि सड़क, रेल, बिजली, मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार बढ़ेगा।

कैपेक्स बढ़ने का असर स्टील, सीमेंट, कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई नौकरियों के रूप में दिखेगा।

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान

मनरेगा का नाम बदलने के विवाद के बीच सरकार ने नई योजना की घोषणा की—

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान

इसके तहत खादी और हैंडीक्राफ्ट जैसे ग्रामीण उद्योगों को बाजार से जोड़ा जाएगा ताकि गांवों में टिकाऊ रोजगार पैदा हो।

ग्रामीण विकास के लिए कुल 2.73 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट

बजट में उत्पादन और इंडस्ट्री को प्रतिस्पर्धी बनाने पर खास ध्यान दिया गया।

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मंत्रालय के तहत खर्च बढ़ाकर 70,296 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

PLI स्कीम के तहत बड़े आवंटन—

फार्मा सेक्टर: 2,500 करोड़ रुपये

ऑटो और ऑटो कंपोनेंट: 5,940 करोड़ रुपये

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर: 8,000 करोड़ रुपये से अधिक

सरकार ने भारत को डेटा सेंटर हब बनाने के लिए टैक्स होलीडे की घोषणा भी की है।

सर्विस सेक्टर और लॉजिस्टिक्स पर निवेश

ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए रेलवे और हाईवे पर भारी निवेश किया गया है।

NHAI को: 1.87 लाख करोड़ रुपये

अन्य रोड वर्क्स: 1.21 लाख करोड़ रुपये

मेट्रो प्रोजेक्ट्स: 28,740 करोड़ रुपये

इससे टूरिज्म, ई-कॉमर्स, हॉस्पिटैलिटी, वेयरहाउसिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।

Budget 2026: क्या हुआ सस्ता?

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स

मोबाइल पार्ट्स, PCBA और कैमरा लेंस पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाई गई

➡️ स्मार्टफोन और गैजेट्स सस्ते होंगे

इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी

लिथियम-आयन बैटरी के कच्चे माल पर छूट

➡️ EV कार और टू-व्हीलर सस्ते होंगे

दवाइयां

जेनेरिक और जीवन रक्षक दवाओं पर राहत

➡️ कैंसर समेत गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी

सोलर पैनल और सेल पर शुल्क घटा

➡️ सोलर प्लांट और उपकरण सस्ते होंगे

लेदर और फुटवियर

चमड़े के इनपुट्स पर राहत

➡️ जूते और लेदर बैग्स सस्ते होंगे

बायोगैस उपकरण

बायोगैस उत्पादन लागत घटाने के लिए रियायत

➡️ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा

Budget 2026: क्या हुआ महंगा?

शेयर बाजार ट्रेडिंग (F&O)

STT में भारी बढ़ोतरी

➡️ ट्रेडिंग अब महंगी होगी

विदेशी शराब

आयातित शराब पर शुल्क बढ़ा

➡️ पार्टी करना महंगा होगा

लग्जरी विदेशी सामान

परफ्यूम, ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां और जूते पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ी

➡️ विदेशी लग्जरी प्रोडक्ट्स महंगे होंगे

निष्कर्ष

Budget 2026-27 को सरकार ने रोजगार केंद्रित बजट बताया है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को जोड़कर सरकार ने नई नौकरियों की “मशीन” तैयार करने की कोशिश की है। वहीं आम जनता को राहत देते हुए मोबाइल, दवाइयों और सोलर उत्पादों को सस्ता किया गया है, जबकि F&O ट्रेडिंग और लग्जरी आयातित सामान महंगे हो गए हैं।

अब देखना होगा कि बजट के ये प्रावधान जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और रोजगार के लक्ष्य कितने पूरे हो पाते हैं।

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