टैरिफ युद्ध में भारत की बड़ी जीत: EU का विशाल बाजार खुला, अमेरिका ने 50% टैरिफ घटाकर 18% किया

KK Sagar
4 Min Read

टैरिफ की जंग में आखिरकार भारत ने बड़ी रणनीतिक जीत हासिल कर ली है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी थी, वहीं दूसरी ओर यूरोपीय संघ (EU) की जटिल शर्तें भारत के सामने चुनौती बनी हुई थीं।

लेकिन भारत ने इन दोनों मोर्चों पर एक साथ जीत दर्ज कर दुनिया को चौंका दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइलेंट डिप्लोमेसी और रणनीतिक धैर्य ने भारत को एक बड़ी आर्थिक सफलता दिलाई है।

दो मोर्चों पर भारत की ऐतिहासिक सफलता

भारत ने एक साथ दो बड़े कदम उठाए:

1. यूरोपीय संघ के साथ FTA फाइनल

भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ वर्षों से लंबित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को फाइनल कर लिया है। इससे भारत को 27 देशों का विशाल बाजार मिल गया है।

2. अमेरिका का टैरिफ झटका टला

अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले 50% जानलेवा टैरिफ को घटाकर अब सिर्फ 18% कर दिया गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है।

EU को क्यों करनी पड़ी जल्दी?

जब ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ की घोषणा की, तब यूरोप को डर हुआ कि भारत एशिया या अन्य बाजारों की ओर पूरी तरह मुड़ सकता है।

चीन से पहले ही यूरोप परेशान है, ऐसे में भारत को रणनीतिक साझेदार बनाए रखने के लिए EU ने FTA को तेजी से अंतिम रूप दिया।

अमेरिका को हुआ बड़ा नुकसान होने का डर

भारत-EU डील होते ही अमेरिका को महसूस हुआ कि वह भारत जैसा बड़ा बाजार और साझेदार खो सकता है।

इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ घटाकर 18% करने का ऐलान कर दिया।

18% टैरिफ से भारत को क्या फायदा?

वाणिज्य मंत्रालय के आकलन के अनुसार, भारत का लगभग:

48.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 4 लाख करोड़ रुपये का निर्यात 50% टैरिफ की जद में था। अब 18% होने से इन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा:

टेक्सटाइल और गारमेंट्स को राहत

भारत का कपड़ा उद्योग बांग्लादेश और वियतनाम से कड़ी प्रतिस्पर्धा झेल रहा था।

अब: लगभग 11 बिलियन डॉलर का निर्यात सुरक्षित तिरुपुर, लुधियाना, सूरत की फैक्ट्रियों में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद

जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर चमकेगा

सूरत और मुंबई के हीरा कारोबारियों के लिए यह बड़ी राहत है।

करीब 10 बिलियन डॉलर का व्यापार

अमेरिकी बाजार में भारतीय आभूषणों की चमक बरकरार रहेगी

केमिकल और लेदर उद्योग को संजीवनी

4.2 बिलियन डॉलर के केमिकल निर्यात

1 बिलियन डॉलर का लेदर एक्सपोर्ट

अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा।

कानपुर और आगरा के चमड़ा उद्योग को बड़ा फायदा होगा।

अमेरिकी सामान पर ड्यूटी ‘जीरो’ करने का मतलब

ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत अमेरिकी सामानों पर ड्यूटी घटाकर शून्य कर सकता है।

पहली नजर में यह नुकसान लगे, लेकिन विशेषज्ञ इसे स्मार्ट ट्रेड-ऑफ बता रहे हैं।

भारत अमेरिका से खरीदता है:

हाई-टेक मशीनरी

बोइंग विमान

उन्नत टेक्नोलॉजी

कुछ कृषि उत्पाद

अगर ये सस्ते होंगे तो:

भारत की मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी

‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी

भारतीय कंपनियों को गुणवत्ता सुधारने का मौका मिलेगा

कोर एक्सपोर्ट सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित

इस समझौते में भारत के प्रमुख निर्यात सेक्टरों को छेड़ा नहीं गया:

इलेक्ट्रॉनिक्स

फार्मा

पेट्रोलियम

यानी भारतीय दवाइयों और रिफाइंड पेट्रोलियम का अमेरिकी बाजार में रास्ता पहले की तरह खुला रहेगा।

निष्कर्ष: भारत की ट्रेड डिप्लोमेसी की बड़ी जीत

भारत ने टैरिफ युद्ध में न सिर्फ अमेरिका का दबाव कम कराया, बल्कि यूरोप का विशाल बाजार भी हासिल कर लिया।

यह भारत के निर्यात, रोजगार और अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....