98.42% दो हजार के नोट लौटे बैंकिंग सिस्टम में, अब सिर्फ 5,609 करोड़ रुपये बाकी: RBI

KK Sagar
3 Min Read

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को जानकारी दी कि 2,000 रुपये के ज्यादातर नोट अब वापस बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, अब तक कुल 98.42 प्रतिशत नोट जमा या बदले जा चुके हैं। यानी बहुत कम नोट अभी लोगों के पास बचे हुए हैं।

आरबीआई ने यह जानकारी एक आधिकारिक बयान के जरिए साझा करते हुए कहा कि नोट वापसी की प्रक्रिया काफी हद तक सफल रही है और लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई है।

19 मई 2023 को हुआ था नोट वापस लेने का ऐलान

गौरतलब है कि आरबीआई ने 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी। उस समय देश में इन नोटों का कुल मूल्य करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये था।

अब रिजर्व बैंक के अनुसार, यह राशि घटकर 31 जनवरी 2026 तक केवल 5,609 करोड़ रुपये रह गई है। इससे साफ है कि बीते करीब ढाई साल में भारी संख्या में नोट बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं।

7 अक्टूबर 2023 तक सभी बैंकों में थी सुविधा

आरबीआई ने बताया कि जब नोट वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब आम लोगों को इन्हें जमा करने या छोटे मूल्य के नोटों से बदलने की सुविधा देशभर की सभी बैंक शाखाओं में 7 अक्टूबर 2023 तक दी गई थी। इस दौरान लोगों ने आसानी से अपने पास मौजूद 2,000 रुपये के नोट जमा किए या बदल लिए।

अब RBI के 19 निर्गम कार्यालयों में ही हो रही जमा प्रक्रिया

7 अक्टूबर 2023 के बाद से यह सुविधा अब केवल आरबीआई के 19 निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध है। जिनके पास अभी भी ये नोट हैं, वे इन्हें वहां जाकर अपने बैंक खाते में जमा कर सकते हैं।

इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने यह सुविधा भी दी है कि लोग डाकघर के जरिए नोट भेजकर भी अपने खाते में राशि जमा करवा सकते हैं।

अब भी वैध मुद्रा हैं 2,000 रुपये के नोट

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये के नोट अभी भी वैध मुद्रा हैं। यानी इन्हें रखना गैरकानूनी नहीं है और इन्हें जमा किया जा सकता है।

हालांकि, बैंक ने लोगों को सलाह दी है कि वे बचे हुए नोटों को जल्द से जल्द बैंकिंग सिस्टम में जमा करा लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रक्रिया लगभग पूरी, नोट चलन में बेहद कम

आरबीआई के अनुसार, 2,000 रुपये के नोटों की वापसी की प्रक्रिया अब लगभग पूरी हो चुकी है। लोगों के सहयोग से यह कदम सफल रहा है और अब बहुत कम मात्रा में ही ये नोट चलन में बचे हैं।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....