टाटा पावर का मास्टरस्ट्रोक: रेवेन्यू घटने के बावजूद मुनाफे में मारी बाजी, रिन्यूएबल सेक्टर में 156% की रिकॉर्ड ग्रोथ

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा पावर ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने बाजार को चौंकाते हुए साबित किया है कि कम राजस्व के बावजूद बेहतर कार्यक्षमता से मुनाफे को कैसे बरकरार रखा जाता है। जहां कंपनी का रेवेन्यू 4% गिरा, वहीं रिन्यूएबल और डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट के शानदार प्रदर्शन ने बैलेंस शीट को मजबूती दी है।

मुख्य आंकड़े: एक नज़र में
शुद्ध लाभ : ₹1,194.33 करोड़ (पिछले साल के ₹1,187.54 करोड़ के मुकाबले स्थिर)
राजस्व : ₹14,485 करोड़ (4% की वार्षिक गिरावट)
एबिटडा : ₹3,913 करोड़ (12% की ठोस वृद्धि)
शेयर का भाव: नतीजों के बीच शेयर 1.71% बढ़कर ₹371.30 पर बंद हुआ।

ग्रीन एनर्जी बनी ‘ग्रोथ इंजन’
​टाटा पावर की इस तिमाही की सबसे बड़ी हाईलाइट उसका रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) सेगमेंट रहा। कंपनी ने इस क्षेत्र में इतिहास रचते हुए मुनाफे में 156% की भारी उछाल दर्ज की है, जो अब 547 करोड़ पर पहुंच गया है।
​रिकॉर्ड प्रोजेक्ट्स: कंपनी ने महज एक तिमाही में 1.3 GW की रिन्यूएबल परियोजनाओं को पूरा किया।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग: सोलर सेल और मॉड्यूल बिजनेस का मुनाफा भी 124% बढ़ा है।
रूफटॉप सोलर: इस सेगमेंट में कंपनी ने 9 महीनों में 1.7 लाख नए ग्राहकों को जोड़ा है, जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

डिस्ट्रीब्यूशन और ओडिशा डिस्काम का कमाल
​बिजली वितरण के क्षेत्र में कंपनी का मुनाफा 167% बढ़कर 746 करोड़ हो गया है। इसमें ओडिशा की बिजली कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई है, जिनका व्यक्तिगत मुनाफा 163% बढ़ा है। ट्रांसमिशन बिजनेस में भी 80% की दमदार बढ़त देखी गई है। टाटा पावर के CEO व एमडी प्रवीर सिन्हा ने बताया कि बढ़ते शहरीकरण और AI आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। टाटा पावर वर्तमान में 1.3 करोड़ ग्राहकों के साथ देश का सबसे बड़ा निजी नेटवर्क है और हम इस भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

भविष्य की राह
​भले ही राजस्व में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन परिचालन लाभ में 12% की वृद्धि यह दर्शाती है कि टाटा पावर अपने खर्चों और कार्यप्रणाली को बेहद सटीक तरीके से मैनेज कर रही है। एआई और डिजिटल क्रांति के इस युग में बढ़ती बिजली की खपत कंपनी के लिए लंबी अवधि में बड़े फायदे का संकेत है।

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