क्या है मामला?
हजारीबाग जिले के कटकमसांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत सुलमि गांव की तीन युवतियों के साथ तमिलनाडु में मानव तस्करी, जबरन श्रम, मारपीट और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िताओं ने इस संबंध में कटकमसांडी थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
▶ काम दिलाने के नाम पर ले जाया गया बाहर
पीड़ित तीनों युवतियां सुलमि गांव की स्थायी निवासी हैं। युवतियों के अनुसार, वे अपने माता-पिता की जानकारी में तमिलनाडु के त्रिपुर क्षेत्र में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने गई थीं। इसी दौरान इमरान नामक व्यक्ति ने अधिक पैसे कमाने का लालच देकर उन्हें दूसरी कंपनी में काम दिलाने की बात कही।
▶ ईंट-भट्टे में कराया गया जबरन श्रम
आरोप है कि इसके बाद तीनों युवतियों को लगभग 100 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के सेलम जिले के अतुर इलाके में ले जाया गया, जहां उनसे ईंट-भट्टे में जबरन मजदूरी कराई जाने लगी।
▶ विरोध करने पर मारपीट और धमकी
जब युवतियों ने ईंट-भट्टे में काम करने से इनकार किया और घर लौटने की बात कही, तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और मोबाइल फोन छीन लिए। इससे वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गईं।
▶ कमरे में बंद कर मानसिक प्रताड़ना
पीड़िताओं का आरोप है कि उन्हें एक कमरे में बंद कर लगातार मानसिक प्रताड़ना दी गई और उनके साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया। डर और दबाव के माहौल में तीनों युवतियां वहां रहने को मजबूर रहीं।
▶ परिजनों तक पहुंची मदद की गुहार
किसी तरह एक अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर 9789371897 के जरिए युवतियों ने अपने परिजनों को सूचना दी कि वे तमिलनाडु के सेलम जिले के अतुर इलाके में फंसी हुई हैं।
▶ पुलिस की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की मदद से ईंट-भट्टे से तीनों युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद वे अपने घर लौट सकीं।
▶ किन-किन पर लगाए गए आरोप
पीड़िताओं ने अपने आवेदन में इमरान (89255975047), शशि (9789371897), एक मैनेजर (8270316009) और एक ऑफिस संपर्क नंबर (8925501143) पर मिलकर मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक शोषण और धमकी देने का आरोप लगाया है।
▶ कार्रवाई की मांग
पीड़िताओं ने कटकमसांडी थाना प्रभारी से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
▶ बड़ा सवाल
यह मामला एक बार फिर मानव तस्करी, मजदूर शोषण और बाहर काम दिलाने के नाम पर हो रहे अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़िताओं को न्याय दिला पाता है या नहीं।

