जमशेदपुर पर आतंकी साया: इंटरपोल के इनपुट के बाद हाई अलर्ट पर ‘टाटा नगरी’, स्लीपर सेल के नेटवर्क का खुलासा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर में आतंकी हमले की गंभीर खुफिया चेतावनी के बाद सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। इंटरपोल द्वारा जारी इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, जिसके बाद जमशेदपुर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्पेशल ब्रांच को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इंटरपोल की रडार पर ‘सैयद मोहम्मद अर्शियान’
​खुफिया रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम सैयद मोहम्मद अर्शियान का सामने आया है। अर्शियान, जो जमशेदपुर के मानगो आजाद नगर (जाकिर नगर रोड नंबर 14) का निवासी है, पिछले 7-8 सालों से फरार है। अर्शियान के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। एजेंसियों को शक है कि अर्शियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी नेटवर्क का संचालन कर रहा है और जमशेदपुर में एक दर्जन से अधिक ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय हो सकते हैं। अर्शियान का भाई, मोहम्मद जीशान, पहले से ही आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में दिल्ली की जेल में बंद है।

क्यों संवेदनशील है जमशेदपुर?
​सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जमशेदपुर आतंकियों के लिए ‘हाई इम्पैक्ट टारगेट’ है।
औद्योगिक महत्व: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे वैश्विक स्तर के बड़े संयंत्र यहां स्थित हैं।
भौगोलिक स्थिति: ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण यहां संदिग्धों को छिपने में आसानी होती है।
लॉजिस्टिक हब: टाटानगर रेलवे जंक्शन और मजबूत सड़क नेटवर्क इसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
​यह पहली बार नहीं है जब जमशेदपुर का नाम आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है।
वर्ष 2016: दिल्ली पुलिस ने मेवाती से अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था, जो जमशेदपुर का रहने वाला था। शमी ने पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग ली थी।
अब्दुल रहमान उर्फ कटकी: जांच में सामने आया था कि कटकी को ओडिशा और झारखंड में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसका सीधा संबंध अर्शियान और उसके भाई से था।

प्रशासन की तैयारी और जनता से अपील
​एसएसपी पीयूष पांडे ने सभी थाना क्षेत्रों, विशेषकर मानगो और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर छापेमारी की जा रही है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भीड़भाड़ वाले इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सादे लिबास में भी जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और किसी भी संभावित खतरे को विफल करने के लिए तैयार हैं।

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