बिहार पुलिस ने शुक्रवार देर रात पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को पटना के मंदिरी स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कोर्ट द्वारा कुर्की-जब्ती (संपत्ति जब्त करने) का आदेश दिए जाने के तीन दिन बाद हुई। यह मामला 31 साल पुराना है। गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के IGIMS अस्पताल से PMCH शिफ्ट किया गया है।
IGIMS से PMCH शिफ्ट
पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल लाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें PMCH शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।
स्वास्थ्य में गिरावट के बाद दूसरे अस्पताल में शिफ्ट
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट आने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है। फिलहाल उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
सांसद के निजी सचिव ने लगाया ये आरोप
पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज से दावा किया गया कि उन्हें रात भर IGIMS में बेड तक मुहैया नहीं कराया गया। उनके सचिव ने कहा, ‘रात भर IGIMS में स्ट्रेचर पर रखने के बाद पटना पुलिस अभी माननीय सांसद श्री पप्पू यादव जी को अभी PMCH Hospital ले जा रही है। नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के लिए उनके साथ सत्ता और प्रशासन के लोग ऐसा साजिशन कर रहे हैं और उन्हें मारने की साजिश रच चुके हैं।’
क्या है पूरा मामला?
मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और बाद में उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। आरोप है कि किराए पर लेते समय इस बात को छिपाया गया था।

