राज्य के सभी 71,863 प्रारंभिक विद्यालयों एवं 9,360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 5.90 लाख शिक्षकों को अब ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि HRMS (मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल के माध्यम से ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
📌 समय पर वेतन और शिकायतों के समाधान का दावा
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों एवं शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित होगा और विलंब से वेतन मिलने की शिकायतें समाप्त होंगी। साथ ही, सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति में भी सुधार आएगा।
📌 अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद विभाग ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
📌 ई-शिक्षाकोष एप से अनिवार्य होगी दैनिक उपस्थिति
निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं शिक्षक ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से प्रतिदिन तकनीकी आधारित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसी उपस्थिति के आधार पर HRMS पोर्टल से वेतन भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
📌 मार्च से पूरी तरह लागू होगी नई व्यवस्था
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए HRMS टीम और ई-शिक्षाकोष टीम के साथ समन्वय बैठक कर ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति साझा करने की प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए ताकि मार्च महीने से व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके।
📌 आठ जिलों के DEO से मांगा गया स्पष्टीकरण
इस बीच शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान लंबित रहने के मामले में आठ जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय जांच में पाया गया कि जिन जिलों में एक सप्ताह के भीतर वेतन, अवकाश एवं सेवा संबंधी शिकायतों का निष्पादन 15 प्रतिशत से कम रहा, वहां संबंधित DEO जिम्मेदार हैं। इनमें पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार शामिल हैं।
📌 शिकायतों के निष्पादन की स्थिति पर विभाग की समीक्षा
विभाग के अनुसार, कुल 2,530 शिकायतों में से 1,239 शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन किया गया है। वहीं, 17 जिलों—बांका, खगड़िया, दरभंगा, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा, वैशाली, सुपौल, भोजपुर, अरवल, किशनगंज, अररिया, नालंदा एवं शिवहर—में 75 प्रतिशत से अधिक शिकायतों के निष्पादन पर विभाग ने सराहना की है।
📌 कैंप लगाकर लंबित शिकायतों के समाधान का निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को कैंप लगाकर शिक्षकों की लंबित शिकायतों का समाधान करने का निर्देश दिया है। विभाग को अब तक एक लाख 46 हजार से अधिक शिक्षकों की वेतन विसंगति एवं वरीयता संबंधी शिकायतें ऑनलाइन प्राप्त हुई हैं। इनके निष्पादन के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
📌 31 मार्च तक सभी को मिलेगी ई-सर्विस बुक सुविधा
इसके साथ ही, सभी सरकारी शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मचारियों को 31 मार्च तक ई-सर्विस बुक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। ई-सर्विस बुक में नियुक्ति, वेतन निर्धारण, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अवकाश, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, पुरस्कार एवं सेवा से जुड़ी सभी जानकारियां सुरक्षित रूप से संधारित की

