झाझा |सोनो : जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर यह बढ़ोतरी वर्षों के अंतराल में देखने को मिलती है, लेकिन जमुई जिले के सोनो प्रखंड में हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। यहां एक ही झटके में जमीन की कीमतें 5 से 7 गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है।
जमुई जिला वैसे भी अब जमीन के बढ़ते दामों के लिए जाना जाने लगा है। कई इलाकों में जमीन की कीमतें पटना और दिल्ली के स्तर तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि, सोनो प्रखंड क्षेत्र अब तक उन इलाकों में गिना जाता था, जहां जमीन काफी सस्ती हुआ करती थी। जंगली और पथरीला इलाका होने, सिंचाई व्यवस्था की कमी और पानी की समस्या के कारण यहां न तो अच्छी खेती हो पाती थी और न ही लोग यहां बसना पसंद करते थे।
इन्हीं कारणों से सोनो के कई पंचायतों में जमीन की कीमतें 20 से 25 हजार रुपये प्रति कट्ठा तक थी, जबकि कुछ जगहों पर यह एक लाख रुपये प्रति कट्ठा के आसपास मिल जाती थी। लेकिन हाल के दिनों में हालात अचानक बदल गए हैं।
दरअसल, सरकार द्वारा बरनार जलाशय योजना को स्वीकृति दिए जाने के बाद इलाके की तस्वीर बदलने लगी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। फिलहाल योजना के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही जमीन बाजार में हलचल तेज हो गई है।
योजना की मंजूरी मिलते ही जिस जमीन की कीमत कुछ महीने पहले तक 20 से 30 हजार रुपये प्रति कट्ठा थी, वही जमीन अब दो लाख रुपये प्रति कट्ठा तक पहुंच गई है। यानी रातों-रात जमीन के दामों में 5 से 7 गुना तक की उछाल दर्ज की गई है।
हैरानी की बात यह है कि दाम बढ़ने के बावजूद यहां जमीन खरीदने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी निवेशक भी भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, बरनार जलाशय योजना ने सोनो प्रखंड के उस इलाके की किस्मत बदलनी शुरू कर दी है, जिसे कभी जंगली और बेकार जमीन के रूप में देखा जाता था। अब वही इलाका जमुई जिले का नया हॉटस्पॉट बनता नजर आ रहा है।

