डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी आकांक्षी प्रखंड में विकास की गति को तेज करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ की विधिवत शुरुआत की गई। सोमवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने दीप प्रज्वलित कर इस तीन दिवसीय सघन अभियान का शुभारंभ किया।

मिशन मोड में होगा विकास का काम
नीति आयोग के निर्देश के अनुसार शुरू किया गया यह अभियान अगले तीन महीनों तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, महिला व पशु स्वास्थ्य जैसे प्रमुख मानकों (इंडिकेटर्स) में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि संपूर्णता अभियान के पहले चरण में मुसाबनी ने शानदार प्रदर्शन किया था, जिसके लिए नीति आयोग ने हमें सिल्वर मेडल से सम्मानित किया। अब दूसरे चरण में हमारा लक्ष्य विकास के अंतर को पूरी तरह पाटना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुदूरवर्ती गांवों और टोलों में जाकर जनता की समस्याओं का समाधान करें और जरूरी दस्तावेज व प्रमाण पत्र बनाने में उनकी मदद करें।
इन 6 मुख्य बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने बताया कि जिला प्रशासन 14 अप्रैल 2026 तक सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के तहत इन क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा।
पूरक पोषण: 6 माह से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों को नियमित पोषण देना।
डिजिटल मापन: आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन और ऊंचाई की डिजिटल ट्रैकिंग।
बुनियादी सुविधाएं: सभी आंगनबाड़ी और स्कूलों में क्रियाशील शौचालय और स्वच्छ पेयजल।
पशु स्वास्थ्य: खुरपका-मुंहपका रोग के खिलाफ पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण।
महिला स्वास्थ्य: गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच।
कृषि: किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक से जोड़ना।
‘प्रोजेक्ट उल्लास’ से बदलेगी मिर्गी रोगियों की जिंदगी
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने ‘प्रोजेक्ट उल्लास’ की सफलता साझा करते हुए बताया कि मिर्गी रोगियों की पहचान और उपचार के लिए 22 से 26 फरवरी तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों और सहियाओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
समारोह में घाटशिला के एसडीओ सुनील चंद्रा, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जेएसएलपीएस की दीदियां, स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।

