Bihar: बिहार के गोपालगंज में कैसे बसे 168 पाकिस्तानी? विधानसभा में उठा मुद्दा

Neelam
By Neelam
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बिहार विधानसभा में गोपालगंज से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान गोपालगंज जिले में वर्षों पहले धार्मिक वीजा पर आए विदेशी नागरिकों के बस जाने का मामला जोरदार ढंग से उठाया गया।

धार्मिक यात्रा के नाम पर आए विदेशी

गोपालगंज के बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए बताया कि वर्ष 1990 से 2015 के बीच गोपालगंज जिले में धार्मिक यात्रा के नाम पर कुल 173 विदेशी नागरिक आए थे, जिनमें अकेले पाकिस्तान के 168 नागरिक शामिल थे। उन्होंने इस पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और जांच की मांग की।

क्या है विधायक का दावा?

मिथिलेश तिवारी ने सदन को बताया कि 1995 और 2015 के बीच 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से पहुंचे थे, लेकिन समय बीतने के साथ वे यहीं के होकर रह गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनमें से कई ने तो स्थानीय पहचान पत्र भी बनवा लिए हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति को सामान्य नहीं माना जा सकता और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

मिथिलेश तिवारी का सरकार से सीधा सवाल

विधायक मिथिलेश तिवारी ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जिले में थावे मंदिर क्षेत्र आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, लेकिन कोई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल नहीं है। हालांकि, प्रशासनिक दृष्टिकोण से पिछले कुछ सालों में रिपोर्ट किए गए विदेशी धार्मिक तीर्थयात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने पूछा कि इन लोगों की निगरानी के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

मिथिलेश तिवारी ने सदन में कहा कि इन विदेशी नागरिकों के वीजा की शर्तों, उनके ठहरने की जगहों और गतिविधियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इसके पीछे कोई संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि तो नहीं रही। विधायक ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि ये विदेशी नागरिक गोपालगंज में कहां गए, कितने दिन रुके और उनका स्थानीय लोगों से क्या संपर्क रहा। मिथिलेश तिवारी ने यह भी कहा कि विदेश से आए इनमें से कई लोगों ने आलीशान घर बनाए हैं।

गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने दिया जवाब

डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का उल्लेख हुआ है, उनमें से बड़ी संख्या पाकिस्तान से आने वालों की बताई गई है, जबकि कुछ अन्य देशों के नागरिकों का भी जिक्र है। उन्होंने बताया कि 173 लोगों में से करीब 168 पाकिस्तान से आए थे, जबकि कुछ अन्य ब्रिटेन और कजाकिस्तान से भी आए थे। सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया कि धार्मिक वीजा पर आने वाले हर व्यक्ति के ठहराव, यात्रा और गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अवैध रूप से रहने, दस्तावेज हासिल करने या कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका मिलेगी, तो संबंधित एजेंसियों को जांच का निर्देश दिया जाएगा।

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