भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन मंगलवार को पहली बार विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। नितिन नवीन के विधानसभा पहुंचने पर एनडीए नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। विधानसभा के मुख्य द्वार पर उनके स्वागत के लिए खड़े एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें गुलदस्ता देकर उनका अभिनंदन किया। वहीं, नितिन नवीन के सदन में पहुंचते ही पूरा सदन भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
सदन में लगे भारत माता और श्री राम के जयकारे
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो दिवसीय दौरे पर बिहार में हैं। मंगलवार दोपहर वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे। विधानसभा की कार्यवाही चल ही रही थी कि इसी बीच नितिन नवीन सदन पहुंच गए। उनके आते ही सभी विधायकों ने भारत माता और श्री राम के जयकारे लगाए। सभी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। इसके बाद विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि नितिन नवीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सदन में आए हैं। आप सभी उन्हें बधाई दें।
सदन में मिली नई जिम्मेदारी मिलने की बधाई
नितिन नवीन को विधान सभा में भी सभी दलों के नेताओं ने नई जिम्मेदारी मिलने पर उनको बधाई दी। जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने नितिन नवीन की कार्यशैली और उनके व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा नितिन नवीन अपनी नई जिम्मेवारी में ना सिर्फ खड़े उतरे होंगे बल्कि जितने भी नामों पर विचार चल रहा है उन सब में अव्वल आए होंगे तभी हमारे नवीन आज इस पद पर पहुंचे हैं।
नितिन नवीन ने सभी सदस्यों को दिया धन्यवाद
वहीं इस दौरान विधानसभा में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि मैं आप सभी को इस सम्मान के लिए धन्यवाद देता हूं। बीस वर्ष से मैं अपनी विधायकी के लिए आप सभी अभिभावक का सम्मान देता हूं। अपने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा मंत्री विजय चौधरी साथी संजय सरावगी के साथ सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं।
सदन में मर्यादा और अनुशासन पालन का संदेश
बिहार विधान परिषद में भाजपा नेता नितिन नवीन ने सदन की गरिमा, अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी पार्टी को अपने विचार जनता तक पहुंचाने के लिए अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम लोग जनता का मत अपनी विचारधारा के आधार पर पाते हैं, ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि सदन में विषय उठाते समय मर्यादा और अनुशासन का पालन किया जाए।

