डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। अब छोटी-मोटी बीमारियों या प्रसव (डिलीवरी) के लिए ग्रामीणों को शहर की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सात नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। 15वें वित्त आयोग से मिले फंड और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब इन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होने जा रहा है।
पंचायत स्तर पर मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा
इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सीधा पंचायत स्तर तक पहुंचाना है। अधिकारियों के मुताबिक, इन केंद्रों के बनने से न केवल ग्रामीणों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि संस्थागत प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
कहां-कहां बनेंगे ये नए सेंटर?
सरकार ने इन केंद्रों के लिए जमीन और बजट दोनों का आवंटन कर दिया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में इनका जाल बिछाया जा रहा है।
चाकुलिया प्रखंड: यहां के ‘लोहामालिया’ और ‘कालापाथर’ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बनाए जाएंगे। इन दोनों केंद्रों के लिए कुल 2.86 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
मुसाबनी प्रखंड: यहां के ‘मातकुडा’ और ‘दक्षिण इचड़ा’ में उप-स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे। साथ ही, ‘बेनाशोल’ में भी एक उप-स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होगा।
धालभूमगढ़: यहाँ के ‘रावाताड़ा’ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होगा।
जमशेदपुर (छोटा गोविंदपुर): शहर से सटे इस इलाके में भी एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 1.43 करोड़ रुपये होगी।
समय सीमा और बुनियादी ढांचा
इन स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को तैयार करने के लिए 9 महीने का समय तय किया गया है, वहीं उप-स्वास्थ्य केंद्रों को अगले 6 महीनों के भीतर पूरा करने की योजना है। जमीन का चयन पहले ही कर लिया गया है और अंचलाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
नकुल ठाकुर (कार्यपालक अभियंता, जिला परिषद) ने बताया कि छूटे हुए और दूर-दराज के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ सके। सिविल सर्जन ने भी उन पोषक क्षेत्रों का सर्वे कर फंड की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है, जहां अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी थी।

