बिहार विधानसभा में आज विपक्ष के विधायकों ने भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकऑउट किया। बाद में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर हमला किया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर राज्य में बढ़ते अपराधों पर जवाब न देने और मुख्यमंत्री पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
बिहार में आपराधिक घटनाएं चरम पर-तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाएं चरम पर हैं। विशेषकर छोटी बच्चियों के साथ हो रही गैंगरेप की घटनाओं ने राज्य को झकझोर दिया है। नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला ठंडा ही नहीं हुआ कि दरभंगा में बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया। कई जिलों से मामले सामने आए हैं। इसका जवाब देने के बजाय जिस प्रकार की भाषा मुख्यमंत्री जी ने इस्तेमाल की इससे लोगों का मन और बढ़ता है।
राबड़ी देवी के लिए अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सदन में इन गंभीर विषयों पर सवाल उठाया, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाधान देने के बजाय अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। तेजस्वी ने कहा, एक महिला मुख्यमंत्री रह चुकी नेता के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग कतई उचित नहीं है। इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।
मुख्यमंत्री का माइक बंद करने का आरोप
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद के जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जा रहा, आज तक ऐसा हुआ है क्या? यानी गाइड कहीं और से हो रहा है। यह दिखाता है कि बहुत कमजोर मुख्यमंत्री है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार अब स्वतंत्र नहीं हैं।
नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल
इससे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर भी लिखा था, “डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है, जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं। प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को ‘लड़की’ कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक और दोषपूर्ण सोच का बारंबार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे?” उन्होंने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ों बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है।
नीट मामले पर सीबीआई जांच को बताया ‘लीपापोती’
नीट मामले पर तेजस्वी ने सीबीआई जांच को ‘लीपापोती’ करार दिया। उन्होंने कहा कि बालिका गृह कांड और सृजन घोटाले की तरह इस बार भी दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार में न्याय की उम्मीद करना बेमानी है और बिहार में अब लोकतंत्र की जगह ‘डर तंत्र’ ने ले ली है। तेज प्रताप यादव से जुड़े सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त में कहा कि उनसे जुड़ी बातें न पूछी जाएं।

