डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस इलाके में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे ‘लोकल ट्रेलर ऑनर्स यूनियन’ के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि टाटा स्टील की वेंडर कंपनियों के इशारे पर गुंडों ने यूनियन अध्यक्ष की लाठियों और डंडों से अमानवीय तरीके से पिटाई की। फिलहाल, गंभीर स्थिति में उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्यों उग्र हुआ विवाद?
यूनियन पिछले लंबे समय से टाटा स्टील प्रबंधन और वेंडर कंपनियों के सामने कुछ प्रमुख मांगें रख रहा था।
न्यूनतम मजदूरी: 7000 ड्राइवरों को सरकारी मानक के अनुसार वेतन मिले।
उचित भाड़ा: माल ढुलाई के लिए सही रेट का निर्धारण।
जबरन वसूली पर रोक: पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली और मेडिकल के नाम पर लिए जा रहे पैसों का विरोध।
जब प्रबंधन ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यूनियन ने 11 फरवरी से ‘अर्द्धनग्न प्रदर्शन’ और ‘अनिश्चितकालीन चक्का जाम’ का ऐलान किया था।
साजिश के तहत हमला?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार सुबह जैसे ही जयकिशोर सिंह अपने समर्थकों के साथ बर्मामाइंस पार्किंग पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे वेंडर कंपनियों के कथित गुंडों ने उन पर हमला बोल दिया। पहले कहासुनी हुई और फिर देखते ही देखते उन पर लाठियों की बरसात कर दी गई। हमला इतना बर्बर था कि जयकिशोर सिंह मौके पर ही बेसुध हो गए। वहीं, दहशत का आलम यह था कि अपने नेता को पिटता देख अन्य ड्राइवर सहम गए। हड़ताल के डर से प्रबंधन और वेंडर कंपनियां गुंडागर्दी पर उतर आई हैं। लोकल ट्रेलर ऑनर्स यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह ने कहा कि मुझ पर जानलेवा हमला कराकर आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। हमारा आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।
एक दिन पहले भी हुआ था हमला
हैरानी की बात यह है कि जयकिशोर सिंह पर यह हमला नया नहीं है। मंगलवार शाम को भी जब वे यूनियन कार्यालय से निकल रहे थे, तब करीब 20 लोगों ने उन्हें घेरकर पिस्तौल की बट से सिर पर वार किया था। लगातार दो दिनों में हुए इन हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक शांति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

