चाईबासा: भाजपा ने लगाया पक्षपात का आरोप, चुनाव कार्य से हटाने की मांग

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नगर निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला कमेटी ने चाईबासा नगर परिषद की प्रशासक संतोषनी मुर्मू पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें निर्वाचन कार्यों से तत्काल मुक्त करने की मांग की है।

क्या है मुख्य आरोप?
भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने कहा कि वर्तमान में आदर्श आचार संहिता लागू है, इसके बावजूद नगर प्रशासक एक विशेष प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रही हैं।

यह है आरोप

दुकानदारों पर दबाव: चाईबासा बाजार के फुटपाथी दुकानदारों को जबरन हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।

राजनीतिक प्रभाव का हवाला: आरोप है कि प्रशासक दुकानदारों से कह रही हैं कि वह ‘सरकार के मंत्री से बात करें’, तभी कोई राहत मिल सकती है।

आचार संहिता का उल्लंघन: चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी शहर की कुछ सड़कों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।

भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम से आम दुकानदार भयभीत हैं। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नगर प्रशासक को चुनाव ड्यूटी से हटाना अनिवार्य है।

निष्पक्षता पर उठाए सवाल
पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक सरकारी अधिकारी का किसी विशेष मंत्री के समर्थक प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। भाजपा का मानना है कि जब तक चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, संतोषनी मुर्मू को किसी भी प्रशासनिक या निर्वाचन जिम्मेदारी से दूर रखा जाना चाहिए।

भाजपा की प्रमुख मांगें
नगर प्रशासक संतोषनी मुर्मू को अविलंब चुनाव कार्य से मुक्त किया जाए। आदर्श आचार संहिता के दौरान हो रहे सड़क निर्माण कार्यों पर रोक लगे।निर्वाचन आयोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करे।

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