बिहार में शराबबंदी कानून के मुद्दे पर सियासी बवाल बढ़ गया है। शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। बयानबाजी के दौर के बीच एक आपत्तीजनक टिप्पणी की जा ही है। एक तरफ कांग्रेस विधायक ने विधानसभा के सभी सदस्यों का ब्लड टेस्ट की मांग करते हुए विधानसभा तक में शराब पहुंचने की दावा किया। इस बीच जेडीयू विधायक विनय चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को लेकर बड़ा दावा किया है।
तेजस्वी यादव सदन में डोलते-डोलते आए-विनय चौधरी
जेडीयू के विधायक विनय चौधरी ने बुधवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव पर शराब पीकर सदन आने का आरोप लगाया है। जेडीयू विधायक विनय चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव सदन में डोलते-डोलते आए थे। इस पर पत्रकारों ने कहा कि उनके तो पैर में चोट लगी थी। इस पर विधायक ने कहा, “पैर में चोट लगने से शरीर नहीं डोलता है… तो उनसे पूछिए कि क्यों डोल रहे थे। हम लोग तो मेडिकल जांच करवाने की बात कर रहे थे, लेकिन वो (तेजस्वी यादव) भाग गए।”
विधानसभा के अंदर तक शराब डिलीवरी का दावा
वहीं, कांग्रेस के विधायक अभिषेक रंजन ने भी बड़ा दावा किया। विधानसभा परिसर में मीडिया से कहा, “बिहार में शराबबंदी कानून पूरी तरह फेल हो गया है। शराब होम डिलीवरी के जरिए पहुंच रही है। अगर कोई डिमांड करे तो विधानसभा के अंदर तक भी शराब की डिलीवरी हो सकती है।”
ऐसे गरमाया शराबबंदी का मुद्दा
दरअसल, एनडीए घटक आरएलएम विधायक माधव आनंद ने मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में सदन में कहा था कि इस 10 साल पुराने कानून के फायदे और नुकसान का अंदाजा लगाने का समय आ गया है। उन्होंने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की। हालांकि इस दौरान उन्होंने शराबबंदी कानून की तारीफ करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कराया। माधव आनंद के इसी बयान के बाद सभी विपक्षी दलों के नेताओं से शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर दी।

