आरजेडी सांसद ने सीएम नीतीश को लिखा पत्र, बिल गेट्स फाउंडेशन से संबंध तोड़ने की मांग

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By Neelam
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राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर बिल गेट्स और उनके संस्थान गेट्स फाउंडेशन से राज्य सरकार के सभी प्रकार के संबंधों को समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा है। सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया है।

सभी संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग

सुधाकर सिंह ने यह पत्र 17 फरवरी को लिखा है। जिसे बुधवार को उन्होंने अपने एक्स हैंडल से भी पोस्ट किया। सुधाकर ने कहा कि जब गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन ही एपस्टीन फाइल्स और यौन शोषण से संबंधित सवालों के घेरे में हैं, ऐसे में यह उचित होगा कि बिहार सरकार तत्काल प्रभाव से बिल गेट्स की संस्था गेट्स फाउंडेशन से दूरी बनाए। उनके द्वारा संचालित सेंटर फॉर हेल्थ एवं एग्रीकल्चर पॉलिसी से भी दूरी बनाए।

सरकार को सावधानी बरतने की सलाह

सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में एपस्टीन प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में बिल गेट्स का नाम सामने आया है। उन्होंने लिखा कि “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है और इससे जुड़े लोगों पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बिहार सरकार को भी सावधानी बरतनी चाहिए।”

सरकारी संबंधों की समीक्षा जरूरी-सुधाकर सिंह

आरजेडी सांसद ने कहा कि “सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका तर्क है कि जब किसी संस्था या व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगते हैं, तो उससे जुड़े सरकारी संबंधों की समीक्षा जरूरी हो जाती है। उन्होंने इसे नैतिकता का प्रश्न बताया।”

सांसद ने पूछे गंभीर सवाल

सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि, “बिहार की बेटियों से संबंधित नीतिगत निर्णयों में एक यौन शोषक की संस्था की सहभागिता को कभी भी स्वीकारा नहीं जा सकता। यदि बिहार में गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ कार्यरत हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि उनकी नियुक्ति का वैधानिक आधार क्या है? क्या यह MoU (समझौता ज्ञापन) के तहत पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ है? क्या संवेदनशील नीतिगत सूचनाओं की साझेदारी के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान हैं? क्या राज्य सरकार की संप्रभु नीति-निर्माण प्रक्रिया पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है?”

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