बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विधानसभा में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले सूचना आयोग और लोकायुक्त के पद पिछले चार वर्षों से खाली पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन महत्वपूर्ण संस्थाओं को निष्क्रिय रखकर सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और इसके बावजूद दावा करती है कि वह बेहतर काम कर रही है।
विधानसभा में बोलते हुए मरांडी ने कहा कि पिछले बजट वर्ष और राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार द्वारा कई घोषणाएँ की गई थीं, लेकिन एक भी घोषणा को धरातल पर पूरा नहीं किया गया। उन्होंने इसे जनता के साथ छलावा बताया।
उन्होंने राज्य सरकार की “भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस” नीति पर भी सवाल उठाए। मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन पुलिस किसी भी आरोपी के खिलाफ अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल रही है। मरांडी ने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार जानबूझकर मामले को कमजोर कर रही है ताकि आरोपियों को राहत मिल सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सूचना आयोग और लोकायुक्त में जल्द नियुक्ति की जाए तथा शराब घोटाले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य में सुशासन और पारदर्शिता बहाल हो सके।

