बिहार के सीवान जिले के मूल निवासी और ओडिशा में पदस्थापित सीआरपीएफ आईजी को गुवाहाटी में आयोजित भव्य परेड के दौरान राष्ट्रपति पदक से नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें सुरक्षा बल में दीर्घकालिक उत्कृष्ट, समर्पित और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया गया। बता दे कि ये सम्मान असाधारण नेतृत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है।
गुवाहाटी में आयोजित सीआरपीएफ परेड के दौरान पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों तथा आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति रही। परेड में सीआरपीएफ के अनुशासन, शौर्य और पेशेवर दक्षता का भव्य प्रदर्शन किया गया।
पूरे बल के लिए गौरव का क्षण
राष्ट्रपति पदक देश के पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों को उनकी असाधारण सेवाओं, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। यह पदक भारत के राष्ट्रपति द्वारा गणतंत्र दिवस अथवा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित किया जाता है। उनका यह सम्मान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बल के लिए गौरव का क्षण है।
बिहार से है खास नाता
ओडिशा कैडर के आईपीएस अमितेन्द्र नाथ सिन्हा वर्तमान में सीआरपीएफ में बतौर आईजी ओडिशा में पदस्थापित हैं। मूल रुप से वे बिहार राज्य के सीवान जिले के बंगरा गांव के निवासी हैं। बंगरा गांव को स्वतंत्रता सेनानियों का गांव कहा जाता है। अमितेन्द्र नाथ सिन्हा दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी रामलखन सिंह के वंशज हैं। उनके पिता डॉ यतीन्द्र नाथ सिन्हा एक मशहूर होम्योपैथिक चिकित्सक होने के साथ-साथ होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। उनकी मां बच्ची देवी एक सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं।

