Jamshedpur: कैरव गांधी अपहरणकांड में 5 और अपराधी गिरफ्तार, अब तक 11 दबोचे गए, मास्टरमाइंड तेजिंदर अब भी फरार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: बिष्टुपुर के प्रसिद्ध कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को पुलिस ने पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार से 5 और शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, हालांकि गिरोह का मुख्य सरगना लुधियाना निवासी तेजिंदर पाल सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

ताजा गिरफ्तारी में ये आरोपी शामिल
पुलिस ने जिन पांच नए आरोपियों को पकड़ा है, उनमें शामिल हैं अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह (लुधियाना, पंजाब), मनप्रीत सिंह सेखो (लुधियाना, पंजाब), गुरदीत शेर सिंह (लुधियाना, निवासी-गिरफ्तारी कोलकाता से), राजकरण यादव (शेखपुरा, बिहार), संतोष कुमार उर्फ संतोष विलेन (शेखपुरा, निवासी-गिरफ्तारी गाजियाबाद से)।

6 महीने से शहर में रची जा रही थी साजिश
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि इस पूरे अपहरणकांड की रूपरेखा बेहद शातिर तरीके से तैयार की गई थी। मुख्य साजिशकर्ता और अमरिंदर सिंह ने करीब 6 महीने पहले जमशेदपुर के साकची इलाके में किराये का कमरा लिया था। इस दौरान उन्होंने कैरव गांधी की गतिविधियों की बारीकी से रेकी की। साजिश में शामिल अन्य अपराधी भी समय-समय पर जमशेदपुर आकर योजना को अंतिम रूप देते रहे।

पुलिस की वर्दी पहनकर किया था अपहरण
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 13 जनवरी को अपहरण के वक्त अपराधी पुलिस की वर्दी में आए थे। मनप्रीत सिंह ने गाड़ी चलाई, जबकि अमरिंदर, गुड्डू और इमरान जैसे अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। अपहरण के बाद कैरव को चांडिल गोलचक्कर ले जाया गया, जहाँ गाड़ी बदली गई। इसके बाद उसे फॉर्च्यूनर से रांची और डोभी होते हुए गया (बिहार) के बिसर गांव में छिपाकर रखा गया था।

पहचान छिपाने का अनोखा तरीका: अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक-दूसरे को अपनी असली पहचान नहीं बताई थी, ताकि पकड़े जाने पर पूरा गिरोह बेनकाब न हो सके।

मामले की पृष्ठभूमि
कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को कदमा-सोनारी लिंक रोड से किया गया था। पुलिस की तत्परता के कारण घटना के 13 दिन बाद 26-27 जनवरी की रात उन्हें चौपारण-बरही मार्ग से सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। इससे पहले 27 और 28 जनवरी को पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों से 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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