देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IIT पवई) के हॉस्टल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पैसों के मामूली विवाद ने एक चौंकाने वाले खुलासे का रूप ले लिया। सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान एक स्टूडेंट के बैग से पांच ज़िंदा 7.65mm कारतूस बरामद होने के बाद पूरे कैंपस में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में पूरा मामले का बिहार कनेक्शन सामने आया है।
हॉस्टल में मिले ‘केएफ 7.65’ मार्क वाले पांच जिंदा कारतूस
बताया जा रहा है कि हॉस्टल नंबर-1 के ग्राउंड फ्लोर पर दो छात्रों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था। सिक्योरिटी टीम ने मौके पर पहुंचकर रूम नंबर 93 में रहने वाले सूरज दुबे और रूम नंबर 89 में रहने वाले अमन को शांत कराया। बातचीत के दौरान सूरज दुबे और उसके दोस्त अपूर्व मिश्रा के पास से शराब की गंध आने पर नियमों के तहत कमरों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सूरज दुबे के कमरे में रखे काले बैग से ‘केएफ 7.65’ मार्क वाले पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए।
बिहार से लाए गए जिंदा कारतूस
IIT पवई के सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिंदा कारतूस बिहार से लाए गए थे। जांच में अपूर्व ने दावा किया कि कारतूस उसके दोस्त सर्वोत्तम चौधरी के हैं, जो बिहार के समस्तीपुर का निवासी है।
मुंगेर से खरीदे गए कारतूस
इसके बाद सर्वोत्तम आनंद को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि उसने ये कारतूस बिहार के मुंगेर से करीब 3500 रुपये में खरीदे थे और उन्हें बैग में रख दिया था। पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पवई पुलिस स्टेशन में आरोपी सर्वोत्तम आनंद सतिशचंद्र चौधरी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
क्या गैर-कानूनी हथियारों की सप्लाई से है कनेक्शन?
इस चौंकाने वाली घटना ने न सिर्फ कैंपस के सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़े किए बल्कि गैर-कानूनी हथियारों की सप्लाई के एक संभावित नेटवर्क की ओर भी इशारा किया। पूरे मामले में हैरान करने वाला प्रश्न ये है कि आखिर इतने प्रतिष्ठित संस्थान में कोई छात्र कारतूस लेकर क्यों आया था?

